बुरहानपुर जिले के नेपानगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर 12 कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला 8 जनवरी को युवक कांग्रेस द्वारा किए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें भाजपा कार्यालय के सामने गंदे पानी की बोतलें रखी गई थीं और डिवाइडर पर ‘बेशर्म’ के पौधे लगाए गए थे। नेपा थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस 2023) की धारा 223 ए के तहत यह केस दर्ज किया। जिन 12 कांग्रेसियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें ग्रामीण कांग्रेस कमेटी कार्यकारी अध्यक्ष जगमीत सिंह जॉली, नेपानगर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रकाश सिंह बैस, मंडलम अध्यक्ष पांडूरंग आमले, पूर्व नगर पालिका सोहन सैनी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद पाटील, पूर्व नेता प्रतिपक्ष व पार्षद प्रतिनिधि राजेश पटेल, पार्षद प्रतिनिधि व मराठा समाज अध्यक्ष राजू दामू पाटील, युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र मसाने, आदिवासी विकास परिषद जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह जमरा, युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस नेता किशोर राजपूत और पार्षद प्रतिनिधि पंकज मल्लना शामिल हैं। बिना अनुमति रैली-प्रदर्शन किया था
भाजपा मंडल अध्यक्ष निलेश महाजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 जनवरी को कांग्रेस नेताओं ने बिना अनुमति रैली और प्रदर्शन किया। यह रैली अंबेडकर चौराहा से मातापुर बाजार तक निकाली गई थी। शिकायत में कहा गया है कि भाजपा कार्यालय के पास डिवाइडर पर ‘बेशर्म’ के पौधे लगाए गए और कार्यालय की सीढ़ियों पर चढ़कर गंदे पानी की बोतलें रखकर नारेबाजी की गई। भाजपा कार्यालय के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज महेश्वरी का निवास स्थान भी है। यह विरोध प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के मामले में युवक कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय आंदोलन का हिस्सा था। ग्रामीण कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष जगमीत सिंह जॉली ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंदौर की घटना के मामले में किसी पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि विरोध करने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। अरुण यादव बोले- कांग्रेसी नहीं डरने वाले
इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रदेशभर में पानी जहरीला है, इंदौर में 25 लोग मर गए हैं और सवाल पूछना अपराध बना दिया गया। नेपानगर (बुरहानपुर) में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर 12 कांग्रेस नेताओं पर FIR, लेकिन इंदौर में मौतों के जिम्मेदार आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। संविधान ने विरोध का हक दिया है, FIR से कांग्रेसी नहीं डरने वाले। यह न्याय नहीं, सत्ता का दमन है।


