मध्य प्रदेश में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के ड्राफ्ट रोल से काटे गए 42.74 लाख नामों में से करीब 8 लाख नाम फिर से मतदाता सूची में जुड़ सकते हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक 22 फरवरी को बूथ सेंटरों पर बीएलओ के पास दावे-आपत्ति की समय-सीमा खत्म हो चुकी है। पिछले एक माह में एसआईआर की प्रोविजनल ड्राफ्ट वोटरलिस्ट को लेकर कुल 8.90 लाख दावे-आपत्तियां दर्ज की गईं। इनमें 7,95,102 आवेदन छूटे नाम जोड़ने के आए, जबकि 95,210 आवेदन गलती से जुड़े नाम हटाने से संबंधित हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों की ओर से 4666 आवेदन नाम जोड़ने और 7929 आवेदन नाम काटने के मिले। इस तरह कुल मिलाकर 7.99 लाख (लगभग 8 लाख) नाम जोड़ने और 1.03 लाख नाम काटने के आवेदन आए हैं। 23 दिसंबर को चुनाव आयोग ने एसआईआर का ड्राफ्ट प्रकाशित करते हुए 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाताओं की सूची जारी की थी, जबकि 42 लाख 74 हजार 160 नाम (7.45%) काट दिए गए थे। एसआईआर शुरू होने से पहले यानी 27 अक्टूबर तक आयोग के पास नाम जोड़ने के 42,953 और नाम काटने के 24,710 आवेदन लंबित थे। आयोग के अनुसार, इन सभी को 21 फरवरी को जारी होने वाली फाइनल वोटरलिस्ट में एडजस्ट किया जाएगा। भोपाल में 4.38 लाख नाम कटे, जुड़वाने आए 66 हजार नए वोटर्स सिर्फ ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे चुनाव आयोग के मुताबिक, जो मतदाता दावे-आपत्ति से छूट गए हैं, वे अब वोटर हेल्पलाइन एप या वीएचए पोर्टल के जरिए 6 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन आवेदनों का निराकरण 14 फरवरी तक किया जाएगा। इसी अवधि में नो-मैपिंग वोटर्स, पिता–पुत्र की आयु में 45 साल से अधिक अंतर, अलग सरनेम या नाम में त्रुटि वाले मामलों में नोटिस, सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया भी चलेगी।


