पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वकीलों से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों की सुनवाई के दौरान पुलिस के रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इसके चलते हाईकोर्ट ने मामले में चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस दोनों से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। यह जवाब इस केस की अगली सुनवाई 30 जनवरी को दाखिल करना होगा। बार एसोसिएशन ने जो मांगपत्र चीफ जस्टिस को सौंपा है, उसमें पुलिस की सुस्त और देर से चल रही जांच पर चिंता जताई गई है। बार का कहना है कि यह सिर्फ कुछ वकीलों की व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि इससे बार की साख और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी जुड़ा हुआ है। बार के सचिव गगनदीप जम्मू ने बताया कि जनरल हाउस बैठक में वकीलों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर फैसला लिया कि इन मामलों में अदालत के स्तर पर दखल की मांग की जाएगी। पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल बैठक में वकील कृष्ण कुमार गोयल की पत्नी की हत्या और उनके घर से सोना, चांदी और नकदी लूटे जाने के मामले पर गंभीर चिंता जताई गई। बार का कहना है कि आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन लूटा गया ज्यादातर सामान अब तक बरामद नहीं हुआ है। कृष्ण कुमार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने अब तक उनके घर से चोरी हुए सामान में से एक भी सामान आरोपियों से बरामद नहीं किया है। इसके अलावा, जसमीत सिंह भाटिया के घर में दिनदहाड़े हुई चोरी का मामला भी उठाया गया। बार ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को केस दर्ज होने और आरोपियों की पहचान होने के बावजूद, एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन न तो किसी की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी का सामान मिला है। मोहाली में भी पुलिस की ढिलाई तीसरा मामला विशाल हांडा के मोहाली स्थित घर में हुई चोरी से जुड़ा है। इस घटना को करीब चार महीने हो चुके हैं। आरोपी की पहचान होने के बावजूद, मोहाली पुलिस अब तक न तो किसी को पकड़ सकी है और न ही चोरी का सामान बरामद कर पाई है। इन सभी मामलों को लेकर जनरल हाउस ने फैसला किया कि चीफ जस्टिस को लिखित रूप में पूरी जानकारी दी जाएगी। मुख्य न्यायाधीश ने भरोसा दिलाया है कि इन मामलों को गंभीरता से लेकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बार एसोसिएशन ने 27 जनवरी को दोबारा बैठक बुलाकर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है।


