भास्कर न्यूज | अमृतसर छुट्टी पर चल रहे डिस्ट्रिक फूड सप्लाई कंट्रोलर (डीएफएससी) अमनजीत सिंह संधू का तबादला कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार संधू को चंडीगढ़ अटैच किया गया है, जबकि उनकी जगह चंडीगढ़ में तैनात सहायक डायरेक्टर हरवीन कौर को अमृतसर जिले का नया डीएफएससी नियुक्त किया गया है। यह आदेश विभाग के चीफ सेक्रेटरी राहुल तिवाड़ी की ओर से जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार डीएफएससी अमनजीत सिंह संधू 1 जनवरी से 10 फरवरी 2026 तक अवकाश पर चल रहे थे। उनकी गैर-मौजूदगी में फिरोजपुर के डीएफएससी जतिन वर्मा को अमृतसर का एडिशनल चार्ज दिया गया था। जतिन वर्मा एक साथ फिरोजपुर और अमृतसर दोनों जिलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चीफ सेक्रेटरी की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अमनजीत सिंह संधू अब चंडीगढ़ में अपनी हाजिरी रिपोर्ट करेंगे। उल्लेखनीय है कि डीएफएससी अमनजीत सिंह संधू अजनाला के डीएफएसओ हैं और उन्हें डीएफएससी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। वह हाल ही में विवादों में भी घिरे थे। उन पर एएफएसओ शिवराज खन्ना की ओर से रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि संबंधित अधिकारी की बदली रोकने के बदले संधू ने 2 लाख रुपए की मांग की और राशि ली। इस मामले में िवभाग के सेक्रेटरी की ओर से जांच के आदेश करते हुए कमेटी गठन की और जांच करवाई। जांच में दोनों पक्षों के बयान भी लिए गए, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। एएफएसओ शिवराज खन्ना का अक्तूबर 2025 में फिरोजपुर में जब तबादला कर दिया गया था, तो उक्त अधिकारी ने उनका तबादला रोकने के एवज में 2 लाख रुपए मांग लिए। यह रकम एएफएसओ की ओर से दे भी दी गई थी, लेकिन जब उनका तबादला न रुका तो इसकी शिकायत एएफएसओ की ओर से प्रिंसीपल सेक्रेटरी को कर दी गई। एएफएसओ का आरोप था कि प्रिंसीपल सेक्रेटरी का नाम लेकर डीएफएससी ने उनसे रकम ली थी और कहा था कि उन्हें कहकर तबादला रुकवा दिया जाएगा। मामले की जांच के लिए प्रिंसीपल सेक्रेटरी की ओर से 30 अक्तूबर को तीन मैंबरी कमेटी का गठन करके जांच के आदेश दिए। उन्होंने अपने आदेश में साफ कहा कि अगर डीएफएससी के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो उनकी सस्पेंशन, चार्जशीट या एफआईआर तक दर्ज करने की हिदायत की गई थी। वहीं आरोप झूठे पाए जाने पर एएफएसओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी आदेश दे दिए गए। यह जांच तीन दिन में पूरी करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके सीएम मान, फूड सप्लाई मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, प्रिं. सेक्रेटरी सहित विभिन्न अधिकारियों को की गई।


