भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ शहर में शुक्रवार को मुमुक्षु राहुल मेहता के दीक्षा समारोह से पहले एक वरघोड़ा निकाला गया। गाजे-बाजे, धार्मिक जयघोष और समाजजनों की भारी उपस्थिति के साथ निकले इस वरघोड़े ने पूरे शहर को श्रद्धा और उत्साह से सराबोर कर दिया। श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ की दीक्षा को लेकर लगभग 50 वर्षों बाद निकले इस वरघोड़े को लेकर नगर में विशेष उत्साह देखने को मिला। राहुल मेहता 24 जनवरी को विधिवत जैन दीक्षा ग्रहण करेंगे। वरघोड़े के दौरान शहर के प्रमुख मार्ग जैन धर्म के जयकारों और मंगल ध्वनि से गूंजते रहे। बड़ी संख्या में समाजजन इसमें शामिल हुए और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर मुमुक्षु राहुल मेहता का अभिनंदन किया गया। 21वें दीक्षित संत बनेंगे राहुल मेहता: शहर में यह श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ की लगभग 50 वर्षों बाद होने वाली पहली दीक्षा है। अब तक जिले से 20 साधु-साध्वी दीक्षा ग्रहण कर चुके हैं, जबकि राहुल मेहता 21वें दीक्षित संत होंगे। इस दीक्षा को लेकर समाज में विशेष गर्व और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला। उनके पिता स्वर्गीय निर्मल कुमार मेहता और माता संतोष मेहता ने उन्हें धर्म और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी। उनकी दो बहनें प्रिया मेहता (प्रिया संघवी) और हिमानी हैं। वर्ष 2017 में मंदसौर में आचार्य श्री की निश्रा में उपधान तप के दौरान राहुल मेहता के मन में दीक्षा का भाव जागृत हुआ। इसके बाद उन्होंने तीन से चार वर्षों तक गुरुजनों के सान्निध्य में रहकर साधु जीवन को नजदीक से समझा। मुंबई और इंदौर में चातुर्मास के दौरान यह भावना और अधिक मजबूत होती चली गई। राहुल मेहता ने आदर्श स्कूल प्रतापगढ़ से कक्षा 10वीं, सेफिया स्कूल से 12वीं, एपीसी कॉलेज से बीबीए और उदयपुर के बीएन कॉलेज से एमकॉम (अकाउंटिंग) की पढ़ाई पूरी की है। उच्च शिक्षा और सफल करियर के बावजूद उन्होंने वैराग्य और साधना का मार्ग अपनाने का संकल्प लिया।


