राजन गोसाईं | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से लांच की गई ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ की घोषणा होने के बाद पहले ही दिन सीएससी केंद्रों से कार्ड नहीं बन पाए। सीएससी केंद्रों के मालिकों का कहना है कि प्रति कार्ड बनाने के लिए उन्हें सरकार की ओर से काफी कम मेहनताना दिया जा रहा है। जिस कारण शुक्रवार को कार्ड बनाने से इनकार कर दिया है। सीएससी केंद्रों के कई मालिकों की ओर से सरकार से उक्त मेहनताना बढ़ाने या कार्ड बनाने के एवज में कार्डधारक से इसकी कीमत वसूल करने की इजाजत दिए जाने की मांग की जा रही है। रजिस्ट्रेशन के बाद परिवार को एक कूपन दिया जाएगा, जिसके आधार पर परिवार के सभी सदस्य सीएससी जाएंगे। जहां पारिवारिक सदस्यों के वोटर कार्ड और आधार कार्ड के अलावा उनका केवाईसी किया जाएगा। उक्त प्रोसेस को पूरा करने के बाद करीब 15 दिनों बाद हेल्थ कार्ड डाक सेवा द्वारा उनके घरों तक पहुंच जाएगा। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि लोगों के घर-घर पर्चियां भेजी जाएंगी, जिनमें संबंधित सीएससी का नाम, दिन और तारीख दर्ज होगी, ताकि लोग निर्धारित समय पर जाकर अपना स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवा सकें। इसके लिए पूरे अमृतसर जिले में कुल 617 सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें पहले चरण में 254 कॉमन सर्विस सेंटरों में काम शुरू किया जाएगा। सिविल अस्पताल अमृतसर में आपातकालीन स्थिति में दाखिल होने वाले मरीजों के कार्ड तुरंत मौके पर ही बनाए गए। इसके लिए सीएससी केंद्र का एक कर्मचारी अस्पताल में तैनात किया गया है। इमरजेंसी में दाखिल मरीज के दस्तावेज हासिल करने के बाद मौके पर ही उसका कार्ड तैयार किया गया, ताकि उसके उपचार में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न आए। इस संबंध में जब सीएससी केंद्रों में संपर्क किया गया, तो जानकारी मिली कि सरकार की ओर से एक कार्ड बनाने के एवज में महज 4 से 7 रुपए तक का मेहनताना दिया जा रहा है। जो काफी कम है। इस संबंध में सीएससी केंद्र के मालिक दिनेश पराशर ने बताया कि उक्त कार्ड बनाने की फीस जो सरकार की ओर से दिए जाने की घोषणा की गई है, वह काफी कम है। इसी कारण शुक्रवार को इस संबंध में जिला प्रशासन से संपर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि देर शाम को जिला प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उक्त फीस को बढ़ा कर 20 रुपए कर दिया गया है। हालांकि इस संबंध में कोई लिखित आदेश तो नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद शनिवार से सीएससी केंद्रों से उक्त कार्ड बनाने शुरू कर दिए जाएंगे।


