भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जिले की एकीकृत बाल विकास परियोजना तपकरा‑2 अंतर्गत विभिन्न केंद्रों में कार्यरत चार आंगनबाड़ी सहायिकाओं पर कार्रवाई की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर इन सहायिकाओं की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई परियोजना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद की गई। जारी आदेश के अनुसार संबंधित सहायिकाएं आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत रहते हुए मितानिन का कार्य भी कर रही थीं। नियमानुसार एक व्यक्ति एक समय में दो मानदेय आधारित शासकीय या अर्ध‑शासकीय दायित्वों पर कार्य नहीं कर सकता। इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन माना गया है। प्रशासनिक स्तर पर इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार के मामले सामने आते हैं, तो उन पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। परियोजना कार्यालय के अनुसार दोहरे दायित्व की शिकायत मिलने पर संबंधित सहायिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे एक पद पर कार्य करने या स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया, लेकिन निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सेवामुक्त की गई सहायिकाओं में पमशाला गंझू बस्ती केंद्र की पुतली बाई, पमशाला साहतोली केंद्र की सुखमनी बाई, पमशाला पुतलितोली केंद्र की शांता केरकेट्टा तथा केरसई घासीमुंडा केंद्र की गंगावती बाई शामिल हैं।


