सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने अपने Affiliation Bye-Laws 2018 के क्लॉज 2.4.12 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए क्लॉज़ में अब हर 500 स्टूडेंट्स पर काउंसलिंग एंड वेलनेस टीचर (सोशियो-इमोशनल काउंसलर), व करियर काउंसलर की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया है। सीबीएसई के सचिव ने 19 जनवरी 2026 को सीबीएसई एफिलिएटेड सभी स्कूल हेड एवं मैनेजर को नोटिफिकेशन भेजकर उपरोक्त नियुक्ति करने का आदेश दे दिया है। बता दें स्कूल-कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं (मेंटल हेल्थ सपोर्ट) और काउंसलर नियुक्त करने के मांग को लेकर कोटा के वकील सुजीत स्वामी सहित 7 मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट ने जयपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए थे। मनोवैज्ञानिक सलाहकार एडवोकेट सुजीत स्वामी ने बताया कि जुलाई 2025 में जयपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाकर सीबीएसई एवं आरबीएसइ के स्कूलों में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मेन्टल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम,नियमित छात्र-कॉउंसलर अनुपात में कॉउंसलर नियुक्ति एवं यूनिफार्म मेन्टल हेल्थ सेलेबस की मांग की थी। पहले CBSE नियमों में केवल कक्षा IX से XII तक 300 छात्रों पर एक काउंसलर का प्रावधान था, जबकि 300 से अधिक छात्रों के लिए कोई स्पष्ट छात्र-काउंसलर अनुपात तय नहीं था। प्राइमरी से कक्षा VIII तक के छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता का कोई उल्लेख नहीं था। काउंसलिंग के लिए यूनिफॉर्म सिलेबस, एज-वाइज गाइडलाइंस, क्राइसिस इंटरवेंशन, गोपनीयता, पेरेंटिंग और टीचर ट्रेनिंग जैसे आवश्यक पहलुओं का पूर्ण अभाव था। कक्षा 10वीं के बाद विषय चयन और करियर निर्णय के लिए अलग से करियर काउंसलर की कोई अनिवार्य व्यवस्था नहीं थी, जिससे छात्र अक्सर गलत निर्णय लेने को मजबूर होते थे। हमने इस क्लॉज़ के नियम में बदलाव की मांग करते हुए प्राइमरी, ऊपर प्राइमरी, सेकेंडरी एवं सीनियर सेकेंडरी सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की मेन्टल हेल्थ को ध्यान में रखते हुए एक्सपर्ट साइकोलॉजिकल काउंसलर नियुक्त करने की मांग की थी। इसी के साथ कक्षा दसवीं के बाद विषय चयन को लेकर विद्यार्थियों एवं उनके परिवारजन को होने वाली दुविधा के समाधान के लिए एक्सपर्ट करियर कॉउंसलर भी आवश्यक रूप से सभी स्कूलों में नियुक्त करने की मांग याचिका में की थी। हमारी याचिका पर सुनवाई करते हुए 19 सितम्बर 2025 को जयपुर हाई कोर्ट बेंच ने सीबीएसई से जवाब तलब किया था।.उसके बाद सीबीएसई स्कूल अफिलिएशन कमिटी की 26 नवंबर 2025 की मीटिंग में मौजूदा क्लॉज़ 2.4.12 में संशोधन की सिफारिश की थी। जिसे सीबीएसई गवर्निंग बॉडी ने 24 दिसंबर 2025 की मीटिंग में एप्रूव्ड करते हुए क्लॉज़ में संशोधन कर 2 सब सेक्शन जोड़ते हुए हमारी मांग के अनुरूप सभी विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंक एंड वैलनेस टीचर (सोशियो इमोशनल काउंसलर)तथा करियर काउंसलर नियुक्त करने का नियम बना दिया। सीबीएसई ने संशोधित सबसेक्शन 2.4.12.1 में स्कूल में अब हर 500 स्टूडेंटस पर एक नियमित एक्सपर्ट काउंसलिंक एंड वैलनेस टीचर(सोशियो इमोशनल काउंसलर) नियुक्त करने तथा संशोधित सबसेक्शन 2.4.12.2 में करियर कॉउंसलर नियुक्त करने का नियम स्कूल अफिलिएशन बाई-लॉज़ में जोड़ दिया है। यह काउंसलिंक एंड वैलनेस टीचर(सोशियो इमोशनल काउंसलर) CBSE द्वारा मान्यता प्राप्त 50 घंटे के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CBP) से गुजरना अनिवार्य। यह वेलनेस पर्सन स्टूडेंट पेरेंट्स काउंसलिंग, क्राइसिस इंटरवेंशन, identify मेंटल हेल्थ कंसर्न, टीचर पेरेंट्स सेंसटाइज जैसे आदि कार्य करेगा। काउंसलिंक एंड वैलनेस टीचर(सोशियो इमोशनल काउंसलर) के कम से कम योग्यता मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन होना आवश्यक है। जबकि करियर काउंसलर के लिए योग्यता ह्यूमैनिटी, बेसिक साइंस, मैनेजमेंट या टेक्निकल एजुकेशन में बैचलर/मास्टर रखी गई है। एडवोकेट सुजीत स्वामी ने कहा कि इस निर्णय से देशभर के लाखों छात्रों को पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहयोग और वैज्ञानिक करियर मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे वे न केवल बेहतर शैक्षणिक निर्णय ले सकेंगे, बल्कि एक संतुलित, आत्मविश्वासी और मानसिक रूप से सशक्त नागरिक के रूप में विकसित हो पाएंगे। अधिवक्ता अमित दाधीच ने बताया कि अब राजस्थान बोर्ड के सभी विद्यालयों में भी इसी प्रकार विद्यार्थियों को मनोवैज्ञानिक एवं करियर सपोर्ट उपलब्ध करवाने की मांग हमारी कोर्ट से है। ये खबर भी पढ़े- स्कूल-कॉलेजों में मेंटल हेल्थ सपोर्ट की मांग:हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से किया जवाब-तलब, तीन राज्यों के 8 एक्सपर्ट ने याचिका लगाई थी हाईकोर्ट में स्कूल-कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं और काउंसलर नियुक्त करने की मांग को लेकर लगाई एक जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित जयपुर की खंडपीठ ने केंद्र और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर 8 सप्ताह में जवाब तलब किया है। खबर पढ़े


