प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी द्वारा देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रहीं राष्ट्रपति और आदिवासी समाज की बेटी को पुअर लेडी कहना न केवल अति निंदनीय है, बल्कि उनकी सामंतवादी मानसिकता को भी उजागर करता है। उन्होंने पूछा, क्या गांधी परिवार उच्च संवैधानिक पदों पर सिर्फ अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझता है। यदि आप आदिवासियों का सम्मान नहीं कर सकतीं, तो कम से कम राष्ट्रपति पद की मर्यादा का तो सम्मान करिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर सोनिया गांधी के बयान पर भड़के भाजपा नेताओं ने पूछा है कि आखिर इन्हें आदिवासियों से इतनी नफरत क्यों है। ये लोग कभी पचा ही नहीं सकते कि कोई आदिवासी सर्वोच्च पद पर पहुंचे: चंपाई पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा- यह आदिवासी समाज का अपमान है। ये लोग यह कभी पचा ही नहीं सकते कि कोई आदिवासी महिला देश के सबसे बड़े पद पर पहुंचे। आजादी के साढ़े सात दशक बाद यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में ही संभव हुआ। कांग्रेस कर रही संवैधानिक पद पर बैठी आदिवासी महिला का अपमान: अर्जुन पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज राष्ट्रपति के खिलाफ कांग्रेस की टिप्पणी अशोभनीय है। एक तरफ कांग्रेस संविधान लेकर लोगों से वोट मांगती चलती है, तो दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे आदिवासी समाज की महिला का अपमान कर रही है।


