भास्कर न्यूज |लुधियाना शहर का सबसे पॉश एरिया जहां पर बड़े-बड़े कारोबारियों ने अपने रहने के लिए घर बनाएं थे। मगर पिछले कुछ साल से इस एरिया में अवैध बिल्डिंगों के बनने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस वजह से इस एरिया में ट्रैफिक जाम समस्या और रेहड़ी-फड़ी लगनी शुरू हो गईं हैं। अमर शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा रोड से लेकर बिजली दफ्तर तक एक किमी सड़क पर 10 से 15 बिल्डिंगों में शो रूम खुल गए है। जहां पर लाखों रुपये गज का दाम है। इस जगह पर पब्लिक ने अपने रहने के लिए घर बनाएं थे। मगर इस जगह पर नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच अधिकारियों की मिली भगत से लगातार इस रोड पर अवैध शो रूम बन रहे है। इनके पास न तो पार्किंग एरिया है और ना ही कोई कमर्शियल बिल्डिंग बनाने की परमिशन है। इसको लेकर इलाका निवासी तरनजोत सिंह ने कई बार एटीपी मोहन सिंह को शिकायत की मगर मोहन सिंह ने इंस्पेक्टर पाल प्रीत सिंह को भेजा तो सही मगर कोई कार्रवाई नहीं की। जिस भी अवैध बिल्डिंग का काम एक दिन के लिए रोका जाता था फिर से सेटिंग के बाद शुरू हो जाता था। उन्होंने बताया कि जब भी इंस्पेक्टर पाल प्रीत से पूछा जाता था की यह अवैध बिल्डिंग कैसे बन रही तो उनका हर बार यही जवाब होता था की घर बन रहा है उसका नक्शा पास है। मगर जब कुछ दिन बाद हरा पर्दा हटता था तो उसमें शटर लगें होते थे। उसके बाद वहां शोरूम खुल जाता था मगर नगर निगम को करवाई नहीं करता था। वहीं इलाका निवासी अमनप्रीत सिंह ने बताया की एक साल के अंदर दस अवैध बिल्डिंग इस रोड पर बन गई है।जहां पर हर समय जाम लगा रहता है। जब से इस एरिया में यह बिल्डिंग ब्रांच का इंस्पेक्टर पाल प्रीत आया है इस ने तो हर रोड पर अवैध बिल्डिंग बनवा दी है। इसको लेकर इलाका निवासियों ने विजलेंस अधिकारियों और पंजाब के सीएम को शिकायत भेजी है। इस रोड की जांच की जाएं और इंस्पेक्टर के साथ एटीपी से भी पूछताछ कर करवाई की जाएं। इस बारे में जब नगर निगम के एटीपी मोहन सिंह से पूछा की इस रोड पर अवैध बिल्डिंग कैसे बन गई यह कमर्शियल रोड है तो उन्होंने कहा लिखित में दो तभी जवाब देंगे। इस बारे में एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह से बात हुई उनसे पूछा की एटीपी मोहन सिंह कहते है की लिखित में दो तभी जवाब देंगे तो उन्होंने कहा वो सभी अवैध बिल्डिंगों की जांच कर करवाई करवाएंगे। भास्कर न्यूज |लुधियाना धांधरा रोड पर अवैध बिल्डिंगों और होटलों का निर्माण थमने का नाम नहीं ले रहा, जबकि गलाडा के अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई में जुटे हैं। 50 से 100 गज की गलियों में होटल बन चुके हैं, लेकिन रोजाना इस रोड से गुजरने वाले अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। अवैध कॉलोनियों में बिना अनुमति सबमर्सिबल पंप लगाए जा रहे हैं, जो हाईकोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन है। शिकायतों के बावजूद सिर्फ नोटिस भेजकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि होटल और अवैध इमारतें धड़ल्ले से बन रही हैं। डीटीपी संदीप का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित होगी, जो रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई करेगी। वहीं, जब इस पर एसडीओ सूरज मनचंदा से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने फोन काट दिया। धांधरा रोड पर अवैध निर्माण का सिलसिला लगातार जारी है। क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक का बड़ा कारण भी यही अनियंत्रित निर्माण कार्य हैं। स्मार्ट सिटी एन्क्लेव और खन्ना एन्क्लेव समेत कई कॉलोनियों में खुलेआम अवैध इमारतें बनाई जा रही हैं। सबसे गंभीर मामला यह है कि बिना अनुमति के सबमर्सिबल पंप लगाए जा रहे हैं, जबकि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि जल संकट के चलते बिना डिप्टी कमिश्नर की अनुमति कोई भी पंप नहीं लगाया जा सकता। इसके बावजूद, एक एकड़ तक की कॉलोनियां काटी जा रही हैं और अवैध निर्माण जारी है। गलाडा के अधिकारियों का रवैया सवालों के घेरे में है। जेई रोहित और एसडीओ सूरज मनचंदा नियमित दौरे पर रहते हैं, लेकिन अवैध निर्माण पर कोई रोक नहीं लगती। शिकायतकर्ताओं को शांत करने के लिए केवल नोटिस भेजे जाते हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती। जब इस मुद्दे पर एसडीओ सूरज मनचंदा से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया और फोन काट दिया। इस मामले में जब डीटीपी संदीप से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि जल्द ही तीन अधिकारियों- तहसीलदार, एटीपी और डीटीपी की टीम गठित कर जांच की जाएगी। रिपोर्ट तैयार कर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। गलाडा की निष्क्रियता के चलते अवैध निर्माण को खुली छूट मिल रही है। अब देखना होगा कि डीटीपी की जांच के बाद क्या सच में कोई कार्रवाई होती है या यह भी महज कागजी कार्यवाही तक सीमित रह जाती है।


