छत्तीसगढ़ की साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। अटल नगर नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में शुक्रवार से साहित्य उत्सव की शुरुआत हुई है। 25 जनवरी तक चलने वाले इस उत्सव में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम होंगे। शनिवार शाम काव्य पाठ होगा। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, CM साय ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस उत्सव में साहित्य, संस्कृति और अलग-अलग मुद्दों विचार-विमर्श का हो रहा है। जिसमें देश-प्रदेश के 120 ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि, विचारक, बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी शामिल हो रहे है। साहित्य उत्सव के पहले दिन शुक्रवार शाम 7 बजे, फेमस एक्टर और पद्मश्री से सम्मानित मनोज जोशी ने बहुचर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया। इसके अलावा, बुक स्टॉल में हजारों लोग अपनी पसंदीदा किताबों के बीच नजर आए। साहित्य उत्सव का शेड्यूल जानिए 120 से ज्यादा पर्सनालिटी होगी शामिल रायपुर साहित्य उत्सव में देश और प्रदेश के करीब 120 साहित्यकार, बुद्धिजीवी और रचनाकार शामिल होंगे। तीन दिनों में कुल 42 सत्रों का आयोजन किया जाएगा। जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विषयों पर चर्चा होगी। इस उत्सव में लेखिका, पत्रकार शिखा वार्ष्णेय, लेखक, कवि कमलेश कमल, डॉ. गोपाल कमल और नवगीत के शिखर पुरुष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। ये प्रमुख साहित्यकार भी होंगे शामिल साहित्यिक सत्रों में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के संचालक विकास दवे, लेखक अजय के. पांडे (बेस्टसेलर कृति ‘यू आर माई बेस्ट वाइफ’ के रचयिता), उपन्यासकार इंदिरा दांगी, लेखिका सोनाली मिश्र, हिन्दी साहित्य की विदुषी जयश्री रॉय, फोटोग्राफर-लेखिका डॉ. कायनात काज़ी और लेखक-वक्ता अनिल पांडेय भी शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ी कवियों और लोकगीतों की विशेष प्रस्तुति छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीतों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ी बोली के प्रमुख कवि रामेश्वर वैष्णव, रामेश्वर शर्मा, मीर अली मीर, शशि सुरेंद्र दुबे उपस्थित रहेंगे। लोकगीत सत्र में डॉ. पी.सी. लाल यादव, शकुंतला तरार, बिहारीलाल साहू और डॉ. विनय कुमार पाठक अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन स्थल पर भी रजिस्ट्रेशन रायपुर साहित्य उत्सव के लिए अब तक 10,000 से अधिक साहित्य प्रेमी पंजीकरण करवा चुके हैं। जिन साहित्य प्रेमियों का पंजीकरण अब तक नहीं हो पाया है, वे आयोजन स्थल पर भी पंजीकरण करवा सकेंगे। साहित्यिक मंडपों का नाम प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर इस साहित्य उत्सव के मंडपों का नाम प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर किया गया है। मुख्य मंडप ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर होगा। इसके अतिरिक्त अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी एवं अनिरुद्ध नीरव के नाम पर होंगे। इस उत्सव में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में 24 जनवरी को विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, अजय सहाब, अमन अक्षर, डॉ. अंशु जोशी, त्रिलोकचंद्र महावर, हर्षराज हर्ष, डॉ. अजय पाठक तथा राहुल अवस्थी अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। कई यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद हो रहे शामिल उत्सव में वर्धा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, शिक्षाविद मुकुल कानिटकर, आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक डॉ. भारत भास्कर, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक डॉ. संजय द्विवेदी, पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. गुरु प्रकाश पासवान और जेएनयू की प्रखर विचारक डॉ. अंशु जोशी विचार-विमर्श में शामिल हो रहे। साथ ही इस साहित्य उत्सव में राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, डॉ. प्रभात कुमार जे. नंदकुमार भी सहभागिता करेंगे और विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। पत्रकारिता, सिनेमा और डिजिटल युग पर चर्चा साहित्य उत्सव के दौरान पत्रकारिता, सिनेमा और टेलीविजन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में अनुराग बसु, मनोज वर्मा, रुबिका लियाकत और हर्षवर्धन त्रिपाठी सहित शामिल होंगे। इसके अलावा 24 जनवरी को डिजिटल युग और एआई विषय पर आयोजित सत्रों में ‘डिजिटल युग के लेखक और पाठक” और ‘उपनिषद से एआई तक : साहित्य की यात्रा’ जैसे विषयों पर गहन बौद्धिक विमर्श होगा।


