डीईओ डीपीसी की तिथि निर्धारित नहीं:बीकानेर समेत राज्य में डीईओ के 250 से अधिक पद रिक्त, अगले छह मार्च से होनी है 10वीं -12वीं की बोर्ड परीक्षा, मॉनिटरिंग होगी प्रभावित

सरकार नकल और परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कटिबद्ध दिखने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर जब 35 दिन बाद 6 मार्च से 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और शासन-प्रशासन और शिक्षा विभाग के बीच की अहम कड़ी के रूप में काम करने वाले डीईओ के बीकानेर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में 250 से अधिक पद रिक्त हैं। स्वीकृत 558 डीईओ के पदों में से 45% से अधिक पद रिक्त पड़े होने के कारण बोर्ड परीक्षाओं में मॉनिटरिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ‌ मॉनिटरिंग के अलावा जिले में शिक्षा का स्तर सुधारने और जिले की शिक्षण प्रणाली के विकास में डीईओ की भूमिका मुख्य है। मगर बड़ी संख्या में जिला शिक्षा अधिकारियों के पद रिक्त होने के कारण शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहा है। ‌शिक्षा निदेशालय की ओर से दो वर्ष की बकाया डीईओ डीपीसी के प्रस्ताव पिछले महीने आरपीएससी को भिजवाए थे। लेकिन वर्ष 2023-24 और 2024-25 की डीपीसी की तिथि फिलहाल निर्धारित नहीं हुई है। यूं समझें डीईओ की भूमिका : जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद है, जो जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और सभी सिस्टम की देखरेख करता है. यह पद राज्य सरकार के अधीन आता है। डीईओ ही जिला स्तर पर शिक्षा नीतियों के कार्यान्वयन, निगरानी, और मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार होता है। बीकानेर में अब डीईओ के पांचों पद रिक्त बीकानेर जिले में डीईओ प्रारंभिक और माध्यमिक दोनों पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं। चयन वर्ष 2022-23 की डीपीसी के बाद रामगोपाल मीणा को बीकानेर डीईओ एलीमेंट्री के पद पर लगाया गया था। लेकिन मीणा की ओर से पदोन्नति का त्याग करने के कारण यह पद रिक्त हैं। वहीं डीईओ माध्यमिक और प्रारंभिक सहित डाइट प्रिंसिपल का अतिरिक्त चार्ज अब तक एडीपीसी समग्र शिक्षा गजानंद सेवग के पास था। 31 जनवरी को सेवग भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बीकानेर ब्लॉक में भी डीईओ का पद रिक्त है। ऐसे में अब डीईओ के पांचों पद रिक्त हो चुके हैं। डीईओ डीपीसी की तिथि निर्धारित नहीं, पिछले महीने आरपीएससी को भेजे प्रस्ताव, प्रदेश में 45% पद खाली माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 6 मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की पूर्व तैयारी बैठक 5 फरवरी को प्रस्तावित है। बोर्ड के नियमानुसार इस बैठक में संबंधित जिले के डीईओ का शामिल होना अनिवार्य है। दरअसल, बोर्ड परीक्षा के नियंत्रण में डीईओ की भूमिका मुख्य होती है। ‌डीईओ ही संबंधित जिला कलेक्टर से समन्वयकर बोर्ड परीक्षा संपन्न करवाता है।

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