छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में धमतरी की सीट इस बार हाई प्रोफाइल हो गई है। कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन रद्द होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस कोई नया उम्मीदवार उतारेगी। शुक्रवार को नाम वापसी की आखिरी डेट तक कांग्रेस ने विजय गोलछा की जगह किसी दूसरे प्रत्याशी का बी-फॉर्म जमा नहीं किया। बीजेपी को वॉकओवर मिला इस फैसले से ये साफ हो गया कि कांग्रेस ने जानबूझकर बीजेपी को वॉकओवर दिया। कांग्रेस के डमी प्रत्याशी बनाए गए तिलक सोनकर, जिन्होंने अपने नामांकन फॉर्म में ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस’ लिखा था, को भी बी-फॉर्म नहीं दिया गया, जिससे वह निर्दलीय उम्मीदवार हो गए। तिलक सोनकर NSUI और यूथ कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, इसके बाद जिले में बावजूद इसके कांग्रेस ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। कांग्रेस की रणनीति पर सवाल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस ने इस विषय पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की है और अलग रणनीतियों पर कार्य कर रही है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने के साथ ही हाईकोर्ट में भी अपील दायर की है। दीपक बैज ने कहा कि न्याय मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद पार्टी अपनी रणनीति स्पष्ट करेगी, लेकिन फिलहाल कोई नया उम्मीदवार नहीं उतारा जाएगा। फैसले से कांग्रेस को नुकसान अब तक कांग्रेस के ज्ञापन पर मुख्य चुनाव पदाधिकारी से कोई निर्देश नहीं आया है और ना ही हाईकोर्ट से कोई फैसला हुआ है। कांग्रेस वेट एंड वॉच की स्थिति में है, लेकिन यह भी सच है कि कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता तिलक सोनकर को समर्थन नहीं दिया। जिससे धमतरी का चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी के बिना ही होगा। अब ये चुनाव बीजेपी के लिए आसान बन चुका है, क्योंकि कांग्रेस ने अपने ही संभावित उम्मीदवार को मैदान से बाहर कर दिया। निर्दलीय को समर्थन देने को लेकर मंथन कांग्रेस अब निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। पार्टी के भीतर इस पर मंथन चल रहा है कि किसी अन्य निर्दलीय प्रत्याशी को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दिया जाए। हालांकि, अब तक यह तय नहीं हुआ है कि निर्दलीय उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी के कुछ नेता चाहते हैं कि कांग्रेस किसी निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देकर अपनी स्थिति मजबूत करे, लेकिन इस पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। धमतरी जिला अध्यक्ष शरद लोहाना ने कहा कि अभी तक ये स्थिति है कि हमारे प्रत्याशी का फॉर्म रिजेक्ट हो गया था। दूसरे प्रत्याशी को लेकर यहां के नेता निर्णय करेंगे। जो निर्दलीय में नाम बचे हैं। उनमें से ही किसी को समर्थन देंगे। अभी नाम तय नहीं हुए हैं।


