मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। वह सलाहकार परिषद के सदस्य और परिवहन स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। उनकी तरफ से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासक को एक पत्र लिखकर कहा है कि सलाहकार परिषद की पहली बैठक में उठाए गए अहम जनहित के मुद्दों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विजयपाल सिंह ने पत्र में चार प्रमुख मुद्दों, वृद्धावस्था पेंशन, यूटी कर्मचारियों के लिए सेहत योजना, चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम (CTU) के संविदा कर्मचारियों की नीति और खेल सुविधाओं के विकास पर प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर नाराजगी जताई है। वृद्धावस्था पेंशन पर कोई प्रगति नहीं
पत्र में कहा गया है कि देश के कई राज्यों में बुजुर्गों को 3,500 रुपए या उससे अधिक मासिक पेंशन दी जा रही है, जबकि चंडीगढ़ में अभी भी पेंशन बेहद कम है। इसे 3,000 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। इससे वरिष्ठ नागरिकों में भारी असंतोष है। यूटी कर्मचारियों के लिए सेहत योजना अधर में
विजयपाल सिंह ने कहा कि यूटी चंडीगढ़ के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक व्यापक सेहत योजना की सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को परिषद में उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जबकि कर्मचारियों की सुरक्षा और सेहत सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। CTU के 300 संविदा कर्मी बेरोजगार
पत्र में चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। हाल ही में 100 डीज़ल बसें सड़कों से हटाए जाने के बाद करीब 300 संविदा चालक और कंडक्टर, जो 10 से 12 वर्षों से सेवाएं दे रहे थे, बेरोजगार हो गए। उनके लिए न तो कोई ऑप्शनल व्यवस्था की गई और न ही कोई स्पष्ट नीति बनाई गई, जिससे इन कर्मचारियों और उनके परिवारों पर संकट गहरा गया है। खेल हब की घोषणा, लेकिन सुविधाएं नाकाफी
चंडीगढ़ को स्पोर्ट्स हब घोषित किए जाने का स्वागत करते हुए विजयपाल सिंह ने कहा कि जमीनी हकीकत इससे मेल नहीं खाती। उन्होंने विशेष रूप से वॉलीबॉल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंडोर स्टेडियम की कमी पर चिंता जताई। हाल ही में बनारस में आयोजित सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में चंडीगढ़ की महिला टीम ने टॉप-8 में स्थान बनाया, लेकिन इंडोर सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा सके। चंडीगढ़ में अभी तक एक भी ऐसा अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला इंडोर हॉल नहीं है, जहां लकड़ी के फ्लोर पर अभ्यास हो सके। ग्रामीण इलाकों में स्टेडियम की मांग
विजयपाल सिंह ने काइमबवाला और खुड़ा अली शेर जैसे गांवों में कुश्ती और कबड्डी के लिए स्टेडियम बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह खेलों के ज़रिए पुलिस, सेना और अन्य विभागों में भर्ती के अवसर दिए जाने चाहिए। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
पत्र के अंत में विजयपाल सिंह ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और खिलाड़ियों के हित में शीघ्र निर्णय लेगा।


