दुर्ग में सड़क सुरक्षा माह चल रहा है और इसी दौरान छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मंत्री ने शुक्रवार 23 जनवरी को शहर भ्रमण के दौरान बाइक चलाते हुए खुद यह पोस्ट साझा की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब आम नागरिकों पर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, तो मंत्री और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। सोशल मीडिया पर लोग इस तरह रख रहे अपनी बातों को सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर मंत्री गजेद्र यादव की जमकर आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने मंत्री गजेंद्र यादव के बिना हेलमेट बाइक चलाने पर गुस्सा जाहिर किया है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ट्रैफिक नियम क्या सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं? दुर्ग पुलिस जहां आम लोगों के चालान तुरंत काट देती है, वहीं एक मंत्री के बिना हेलमेट बाइक चलाने पर पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में है। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि “मंत्री जी हेलमेट तो लगा लेते, आप पर कौन करेगा कार्रवाई?” जानिए फेसबुक पर यूजर्स किस तरह जता रहे नाराजगी – मधुसुदन यादव नाम के यूजर ने लिखा कि भैया अभी सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है, पर आप बिना हेलमेट के हैं चालान तो आपका भी बनता है पर आप पर कार्रवाई कौन करेगा?
– संदीप ताम्रकार नाम के एक यूजर्स ने लिखा कि माननीय मंत्री जी को बिना हेलमेट के वाहन नहीं नहीं चालाना चाहिए, मंत्री जी ट्रैफिक नियम का पालन नहीं करेंगे तो संतरी की क्या हिम्मत है चालान काटने की?
– विक्की साहू के एक यूजर ने लिखा है कि देखते हैं अब नेता जी का चालान आएगा या नहीं?
– विजय गुप्ता नाम के एक यूजर ने लिथा कि अब अगर पुलिस चालान काटे तो ये ही वीडियो दिखाना है, सेव कर के रख लो
– धनेश कुमार वर्मा नाम के यूजर ने लिखा कि मंत्री महोदय हेलमेट कहां हे जी, आम आदमी के तो चालान कट जतीस
– मनोज साहू नाम के यूजर ने लिखा है कि हेलमेट आम लोगों के लिए, नेता मंत्री के लिए क्यों
– डोमेश्वर कुमार साहू ने लिखा कि ये क्या शिक्षा मंत्री है, इतनी भी समझ नहीं है कि गाड़ी चलाते समय हेलमेट का उपयोग भी नहीं करते, और दूसरी तरफ स्कूल में सड़क सुरक्षा सप्ताह शिक्षा बता रहे हैं।
– विजेंद्र बरमन नाम के यूजर लिखते हैं कि आप करोड़ों जनता के आयडल हैं और आप बिना सेफ्टी हेलमेट के बाइक चला रहे हैं और पुलिस आपसे इतना डर रही है कि फाइन भी नहीं कर पा रही है। धन्य है प्रदेश के ऐसे मुखिया लोगों को जो केवल दिखावे के भरोसे चल रहे हैं।
– विकास चंद्राकर नाम के यूजर लिखते हैं कि चालान आम आदमी के लिए है। सीजी के मंत्रीजी के लिए नहीं। क्या यही अच्छे दिन है?
– वैभव चंद्राकर नाम के यूजर ने लिखा कि अब किसी को पुलिस हेलमेट के लिए नहीं रोकना चाहिए, मंत्री खुद बिना हेलमेट घुम रहे हैं।
मंत्री के साथ अन्य लोग भी बिना हेलमेट चला रहे बाइक
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट बाइक चला रहे हैं। उनके साथ पीछे-पीछे चल रहे अन्य लोग भी बिना हेलमेट नजर आ रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब सड़क सुरक्षा माह के तहत पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। पुलिस के आला अधिकारी स्कूल-कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित कर छात्रों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दे रहे हैं और हेलमेट पहनने की सख्त सलाह दे रहे हैं। स्कूल के बाहर विद्यार्थियों के काटे जा रहे चालान
इधर दुर्ग पुलिस ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। जिले में स्कूलों के बाहर छात्रों के चालान काटे जा रहे हैं। आम नागरिकों से भी बिना हेलमेट के चालान वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंपों पर भी सख्ती की है। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब नियम सभी के लिए समान हैं, तो क्या जनप्रतिनिधि और मंत्री इन नियमों से ऊपर हैं? सड़क सुरक्षा माह के दौरान एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना न केवल गलत संदेश देता है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं।


