हनुमानगढ़ जिले में शुक्रवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान गिरकर 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो एक दिन पहले की तुलना में लगभग 7 डिग्री कम था। इस तीव्र गिरावट के कारण शनिवार सुबह जिलेभर में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर रही। सोनड़ी, किकराली, असरजाना और भगवान सहित आसपास के गांवों में शनिवार सुबह खेतों पर पाले की सफेद चादर बिछी दिखाई दी। पाले और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ। सुबह के समय लोग घरों से निकलने से बचते रहे, वहीं खेतों में कृषि कार्य लगभग ठप पड़ गया। यह कड़ाके की ठंड किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। किसानों ने बताया कि पाले का सबसे अधिक असर सरसों की फसल पर पड़ने की आशंका है। पाला गिरने से सरसों की फलियों में दाना जमने की प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट हो सकती है। इसके अतिरिक्त, चना, गेहूं और जौ जैसी अन्य रबी फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें क्षेत्र में मावठ की बारिश की अत्यधिक आवश्यकता थी, लेकिन अपेक्षित वर्षा नहीं हुई। हल्की बूंदाबांदी के बाद अचानक बढ़ी ठंड और पाले ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शुक्रवार को दिनभर शीतलहर चलती रही और रात में तापमान तेजी से गिरा, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार सुबह पाले की स्थिति उत्पन्न हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई और धुएं की व्यवस्था जैसे उपाय करने की सलाह दी है, ताकि फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।


