मध्य प्रदेश में हर महीने 50 हजार खर्च करिए और अपना बुढ़ापा आराम से गुजारिए। दरअसल, भोपाल में आज (24 जनवरी) प्रदेश के पहले पेड लग्जरी ओल्ड एज (वृद्धाश्रम) की शुरुआत हो गई है। 24 करोड़ रुपए से बने इस ओल्ड एज होम का लोकार्पण शनिवार दोपहर 2 बजे सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया। फीता काटने के बाद उन्होंने मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक भगवानदास सबनानी के साथ वृद्धाश्रम का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि यहां बुजुर्गों के लिए डॉक्टर हैं तो उनके लिए अन्य सारी सुविधाएं भी हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय ‘स्पर्श मेला-2026’ के विजेताओं को पुरस्कार और सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों 327 करोड़ रुपए की राशि भी ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई कॉलोनी कटती है और कॉलोनाइजर वहां वृद्धाश्रम भी बनाए तो स्वागत है। कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, परशुराम कल्याण बोर्ड विष्णु राजौरिया, विभाग की प्रमुख सचिव सोनाली वायंणकर आदि भी मौजूद थे। ओल्ड एज होम सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने बनाया है। यहां कमरे की साइज के हिसाब से 38490 से 49990 रुपए तक मंथली रेंट लगेगा। कॉल बेल, इंटरकॉम और टेलीफोन जैसी सुविधा हर कमरे में मिलेगी। वहीं टीवी, फ्रीज-एयर कंडीशन भी होंगे। यह फाइव स्टार होटल जैसा है और किराया भी उसी हिसाब से है। ये ओल्ड एज होम ऐसे बुजुर्गों का आसरा बनेगा, जिनके बच्चे विदेश या मेट्रोपोलिटन सिटीज में जॉब करते हैं। इस कारण बुजुर्ग अकेले जिंदगी गुजार रहे हैं। उनकी देख-रेख करने वाला कोई नहीं है। भरपूर पैसे होते हुए भी वे सामाजिक और परिवारिक वातावरण से दूर रहने के लिए मजबूर हैं। तस्वीरों में देखिए ओल्ड एज होम… लिंक रोड नंबर-1 पर 5 एकड़ में बना कमरे की साइज के अनुसार किराया देना होगा एमपी में 83 वृद्धाश्रम, 2300 लोग मुफ्त रह रहे
एमपी में सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग 83 वृद्धाश्रम चला रहा है। इनमें वर्तमान 2 हजार 300 बुजुर्ग रहते हैं। यहा सभी के लिए मुफ्त रहने, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य सुविधाएं हैं। इसके बाद भी आर्थिक रूप से मजबूत सीनियर सिटीजन्स के लिए यह पेड ओल्ड एज होम की पहल की गई है। 10 पॉइंट में जानिए ओल्ड एज होम से जुड़े सारे सवालों के जवाब? 1. यहां कौन रह सकता है और रहने के लिए सबसे पहले क्या करना होगा?
जवाब: ऐसे बुजुर्ग जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, वे यहां रहने की पात्रता रखते हैं। यहां पहुंचने पर बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन होगा और उनका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। यदि मेडिकल हिस्ट्री है तो उसे यहां मौजूद मेडिकल स्टाफ से शेयर करना होगा। 2. कितने लोगों के रहने की व्यवस्था है?
जवाब: यहां 56 बुजुर्ग एक साथ रह सकते हैं। आश्रम में 12 सिंगल और 22 डबल रूम है। सिंगल हो या डबल रूम सभी में लग्जरी सुविधाएं हैं। दोनों ही कमरों में सिटिंग एरिया हैं जहां सुंदर और आरामदायक फर्नीचर रखा है। कमरे में हर पलंग के साथ एक स्टडी टेबल है। साथ ही बुजुर्गों की आवश्यकता और सुविधा को ध्यान में रख कर बनाया गया अटैच्ड बाथरूम है। बाथरूम और कमरे में इमरजेंसी बेल भी लगी है। हर कमरे में एयरकंडीशनर, फ्रिज, माइक्रोवेव, ड्राई किचन, वार्डरोब और बालकनी है। 3. यहां रहने के लिए कितना शुल्क चुकाना होगा? मासिक या सालाना?
जवाब: यहां रहने के दो विकल्प है। यदि सिंगल रूम में कोई रहना चाहता है तो उसे 49 हजार 500 रुपए प्रति महीना किराया देना होगा। डबल रूम में पति- पत्नी, दो पुरुष बुजुर्ग या दो महिला बुजुर्ग एक साथ रह सकते हैं। डबल रूम का किराया दोगुना हो जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के वक्त एक लाख रुपए सिक्योरिटी अमाउंट भी जमा करना होगा। ये पैसा आश्रम छोड़ने के बाद वापस मिल जाएगा। 4. यहां न्यूनतम और अधिकतम कितने समय के लिए रह सकते हैं?
जवाब: कम से कम एक महीना और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। बुजुर्ग उनकी इच्छानुसार जब तक चाहें, तब तक यहां रह सकते हैं। जो NRI हैं, यदि वे भारत आते हैं तो यहां कुछ महीने के लिए ठहर सकते हैं। यदि उनके परिजन शहर में नहीं है तो उनके लौटने तक आश्रम की सेवाएं ले सकते हैं। 5. खाने की क्या व्यवस्था रहेगी? कब क्या मिलेगा?
जवाब: वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की उम्र और उनकी फिजिकल फिटनेस और एक्टिविटी के हिसाब से संतुलित और पौष्टिक खाने की सुविधा है। आश्रम की कैंटीन में ही ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर बनेगा। लंच और डिनर के बीच अधिकतम 5 घंटे और डिनर और ब्रेकफस्ट में 14 घंटे का अंतर होगा। हर दिन का मेन्यू पहले से तय होगा। आपात स्थिति के लिए सूखा (नॉन-पेरिशेबल) खाना हमेशा उपलब्ध रहेगा। लंच-डिनर और नाश्ते के लिए एक डाइनिंग हॉल है। जहां 55 लोग बैठ सकते हैं। 6. यहां रहने वाले लोगों के हेल्थ का ध्यान कैसे रखा जाएगा? क्या रूटीन चेकअप के लिए अलग से शुल्क देना होगा?
जवाब: यहां रहने वाले बुजुर्गों के चेकअप के लिए एक डॉक्टर हफ्ते में एक बार विजिट करेंगे। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन नर्स हमेशा बुजुर्गों की देखभाल के लिए मौजूद रहेंगी। इसके अलावा फिजियोथेरेपिस्ट, योग थेरेपिस्ट, डाइटिशियन, काउंसलर भी होंगे। रूटीन चेकअप के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लगेगा। इमरजेंसी और रेगुलर केयर दोनों तरह की मेडिकल सुविधा आश्रम में होगी। 7. यदि हॉस्पिटल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी उस स्थिति में क्या होगा?
जवाब: यदि किसी बुजुर्ग को मेडिकल कंडिशन में आश्रम से अस्पताल में भर्ती किया जाता है तो अस्पताल का सारा खर्च बुजुर्ग या उनके परिजन को करना पड़ेगा। इस खर्च की आश्रम की कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी। 8. परिवार के लोग आकर मिलना चाहें तो क्या व्यवस्था है?
जवाब: परिवार के लोग लाउन्ज में आकर मिल सकते हैं। वे कुछ घंटे गुजार सकते हैं, लेकिन किसी भी सदस्य को यहां रात गुजारने की परमिशन नहीं मिलेगी। परिवार के सदस्य बर्थडे या मैरिज एनिवर्सरी पर कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं। 9. यहां रहने वालों के लिए बेसिक गाइड लाइन क्या है?
जवाब: बुजुर्गों को आश्रम में किसी तरह की रोक-टोक नहीं रहेगी। वे अपनी मर्जी से दिन बिता सकते हैं। किताबें पढ़ सकते हैं। आपस में बातचीत कर सकते हैं। आश्रम में कहीं भी टहल सकते हैं। वे बाहर जाकर शॉपिंग कर सकते हैं और दोस्तों और परिवार से जाकर भी मिल सकते हैं। आश्रम में वापस लौटने का एक निर्धारित समय तय किया है, तब तक उन्हें वापस लौटना होगा। 10. इस ओल्ड एज होम का संचालन कौन और कैसे करेगा?
जवाब: मध्यप्रदेश सरकार ने आश्रम चलाने की जिम्मेदारी सेवा भारती को दी है। सेवा भारती RSS का एक अनुषांगिक संगठन है, जो एमपी में 5 और आश्रम संचालित करता है। ये सभी मुफ्त है। इस आश्रम में जो बुजुर्ग रहेंगे उनके हर महीने का अमाउंट सेवा भारती को मिलेगा। जो सिक्योरिटी डिपॉजिट रहेगा, वो राशि मप्र सरकार को दी जाएगी। यह आश्रम के मैनेजमेंट, सुविधाओं और स्टाफ के वेतन पर खर्च होगी। ये खबर भी पढ़ें… कब शुरू होगा बुजुर्गों का ‘लग्जरी होम
मध्यप्रदेश सरकार के पहले पेड लग्जरी ओल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) को शुरू होने में अभी और समय लग सकता है। इसके संचालन का जिम्मा लेने वाली सेवा भारती ने इसे 1 अगस्त से शुरू करने का दावा किया था, लेकिन करार की शर्तों को लेकर सरकार और सेवा भारती के बीच सहमति नहीं बन पाई है। पढ़ें पूरी खबर…


