गरियाबंद, सूरजपुर के बाद कोरिया में अश्लील डांस:फुटबाल प्रतियोगिता समापन के बाद सोनहत में अश्लीलता, रोजगार सहायक व लोगों ने उड़ाए नोट

गरियाबंद और सूरजपुर के बाद कोरिया जिले से अश्लील डांस का वीडियो सामने आया है। सोनहत ब्लॉक के पोड़ी में फुटबाल प्रतियोगिता के समापन के बाद आयोजित सांस्कृृतिक कार्यक्रम में युवतियों ने जमकर अश्लील डांस किया। डांसरों पर रोजगार सहायक एवं अन्य लोग पैसे उड़ाते दिखे। सोनहत ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोड़ी द्वारा आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन शुक्रवार को किया गया था। समापन कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता भी बतौर अतिथि उपस्थित हुए और समापन कार्यक्रम के बाद वे वापस चले गए। फुटबाल प्रतियोगिता के समापन के बाद रात को स्कूल मैदान परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फिल्मी गानों पर डांसरों ने जमकर अश्लील नृत्य किया। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। 10 लाख देकर बुलाई गई थी डांस पार्टी
डांसरों के अश्लील नृत्य पर रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी व पंचायत की महिला सरपंच पार्वती देवी के पति बहादुर सहित अन्य लोग पैसे उड़ाते दिखे। रोजगार सहायक ने डांसरों के साथ ठुमके भी लगाए और उन पर नोटों की बारिश की।
बताया गया है कि रोजगार सहायक एवं महिला सरपंच के पति ने ही 10 लाख रुपये में कोरबा की नाचा पार्टी को बुक किया था। इसमें तीन से चार डांसर आई थीं। लोगों ने अश्लील डांस का वीडियो रिकार्ड कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। पूर्व विधायक ने जताई कड़ी आपत्ति
भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने अश्लील डांस की निंदा की है। कमरो ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति ‘नाचा’ और ‘गम्मत’ की है, अश्लीलता की नहीं। गरियाबंद और सूरजपुर की घटनाओं के बाद भी प्रशासन नहीं जागा, जिसका नतीजा आज सोनहत के पोड़ी में देखने को मिला। पूर्व विधायक कमरो ने कहा कि स्कूल परिसर में इस तरह का नंगा नाच और एक जिम्मेदार रोजगार सहायक द्वारा नोट उड़ाना प्रशासनिक शिथिलता का प्रमाण है। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे कर्मचारियों को तत्काल सस्पेंड करने की भी मांग की है। विवादित रहा है रोजगार सहायक, नोटिस जारी
मामले का वीडियो सामने आने के बाद सोनहत ब्लॉक के मनरेगा प्रोजेक्ट आफिसर प्रतीक जायसवाल ने रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में जिंदर साय सोनवानी से जवाब मांगा गया है। पीओ ने बताया कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य आयोजनकर्ता रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी पहले भी विवादों में रहा है। इंदिरा आवास की योजना में हितग्राहियों से पांच-पांच हजार रुपये लेने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया था, जिसकी जांच में उसे दोषी पाते हुए बर्खास्त कर दिया गया था। कोर्ट से रोजगार सहायक ने स्टे ले लिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार कम वेतन में काम करते हुए भी रोजगार सहायक कई गाड़ियों का मालिक है। फिलहाल प्रशासन ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *