जबलपुर के ग्वारीघाट पर मां नर्मदा के प्रकट उत्सव से पहले 1100 फीट लंबी चुनरी अर्पित की गई। मां नर्मदा उमाशंकर चुनरी भक्ति समिति ने संतों के सानिध्य में इस भव्य आयोजन को संपन्न कराया। इस अवसर पर दुग्ध अभिषेक, पुष्पार्चना, दीपदान और भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्वामी गिरीशानंद सरस्वती ने बताया कि प्रकट उत्सव की पूर्व संध्या पर मां नर्मदा को 1100 फीट चुनरी अर्पित करने की यह परंपरा पिछले 23 वर्षों से चली आ रही है। इस दौरान मां को छप्पन भोग का प्रसाद भी चढ़ाया गया। श्रृंगार सामग्री और छप्पन भोग अर्पित करने के लिए एक विशेष छोटी नौका भी तैयार की गई थी। कार्यक्रम में संतों और श्रद्धालुओं ने देश, प्रदेश और जबलपुरवासियों के सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर स्वामी गिरीशानंद सरस्वती, स्वामी मुकुंददास महाराज, स्वामी राजेश शास्त्री, स्वामी चंद्रशेखर जी महाराज, आचार्य पंडित सौरभ दुबे, कथावाचिका निशा तिवारी, डॉ. सुधीर अग्रवाल, जय किशन गुप्ता, अमर सिंह ठाकुर, सुचित्रा मिश्रा, राकेश अहिरवार और सोनू सैनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। पूरा ग्वारीघाट क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और मां नर्मदा के जयकारों से गूंज उठा।


