सीमावर्ती जिले जैसलमेर में लगे अरबों रुपए के सोलर और विद्युत संयंत्र अब अपराधियों के निशाने पर हैं। जिले के भोपा, डांगरी, लखासर सहित आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों ने जिला कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपकर एक शातिर गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि यह गैंग न केवल बड़े पैमाने पर चोरियां कर रहा है, बल्कि हथियारों के दम पर सुरक्षाकर्मियों की जान को भी खतरे में डाल रहा है। बिना नंबरी गाड़ियों और हथियारों से दहशत ज्ञापन में बताया गया है कि क्षेत्र में सक्रिय गैंग बिना नंबर की गाड़ियों और हथियारों के साथ रात के अंधेरे में वारदातों को अंजाम देती है। ग्रामीणों ने दो लोगों पर गैंग चलाने का सीधा आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, ये लोग दिन में अपनी गाड़ियां छिपा देते हैं और रात होते ही उत्पात मचाते हैं। पिछले एक साल में इस गैंग ने करीब 100 से अधिक चोरियों की वारदातों को अंजाम देकर प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस को फंसाने के लिए ‘फेक वीडियो’ का सहारा शिकायतकर्ता ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों ने ज्ञापन में लिखा है कि जब पुलिस इस गैंग पर सख्ती करती है, तो ये लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हैं। ये खुद को चोट पहुंचाकर या मारपीट के झूठे वीडियो वायरल कर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। वर्तमान में भी ऐसे कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरा गैंग का प्रभाव सदर, सांगड़, सांकड़ा और झिझनियाली थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक बताया गया है। ग्रामीणों का कहना है- गैंग के पास अवैध हथियारों का जखीरा है। वारदात के समय ये लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे इन्हें पकड़ना मुश्किल होता है। चोरी के पैसों से अपराधी लग्जरी शौक पूरे कर रहे हैं। प्रशासन को चेतावनी दी, बोले- हादसा हुआ तो आपकी जिम्मेदारी ज्ञापन के अंत में सुरक्षाकर्मियों ने कड़े शब्दों में प्रशासन को चेताया है कि यदि रात्रि गश्त नहीं बढ़ाई गई और विशेष टीम बनाकर इन अपराधियों को नहीं पकड़ा गया, तो कभी भी किसी गार्ड की जान जा सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच हो और इनके वाहनों के दस्तावेजों को जब्त किया जाए।


