बीकानेर के वेटरनरी युनिवर्सिटी के बाहर रात के अंधेरे में तिरंगा लहरा दिया गया, जिसके बाद शहीद के भाई ने इसकी शिकायत कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास से कर दी। व्यास ने इसे गंभीरता से लिया और कुछ ही देर में तिरंगा वापस उतरवाने का आश्वासन भी दिया। दरअसल, रात के समय तिरंगा तभी लहराया जा सकता है, जब उस पर समुचित प्रकाश व्यवस्था की गई हो। शहीद केप्टन चंद्र चौधरी के भाई और राष्ट्रीय शहीद सम्मान समिति के संस्थापक सीताराम सिहाग ने बताया कि वेटरनरी युनिवर्सिटी के बाहर फिर से तिरंगा लहराया गया है। इस तिरंगे को लगाने से पहले वेटरनरी युनिवर्सिटी को लाइट्स को ठीक करवाना था। बिना लाइट्स को ठीक करवाए यहां पर तिरंगा लहरा दिया गया। दिन के उजाले में तो इस तरह तिरंगा लहराया जा सकता है लेकिन रात के अंधेरे में नहीं लहराया जा सकता। सिहाग ने इसकी शिकायत पहले युनिवर्सिटी के डीन से की लेकिन उनसे संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कुलगुरु को शिकायत दर्ज करवाई गई। कुलगुरु ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत अधिकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। आनन फानन में कुछ ही देर में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रात के समय तिरंगे को वापस नीचे उतारा जाये। पहले भी की गई शिकायत सिहाग ने बताया कि पिछले साल भी वेटरनरी युनिवर्सिटी ने इसी तरह अंधेरे में तिरंगा लहरा दिया था, जिसकी शिकायत संबंधित बीछवाल थाने में की गई थी। इस बार डीन से शिकायत की तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र भाषा का उपयोग किया। इस पर उन्होंने कुलगुरु डॉ. व्यास से शिकायत की, जिन्होंने इस पूरे मामले को सुना और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।


