खड़गे बोले- केंद्र सरकार राज्यपालों को कठपुतली बना रही:गवर्नर गैर-बीजेपी सरकारों को परेशान करते हैं, उन्हें पीएम ऑफिस से ऑर्डर मिल रहे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को कहा कि PM ऑफिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय गवर्नरों को निर्देश दे रहे हैं। खड़गे ने भाजपा सरकार पर कांग्रेस की सत्ता वाले और दूसरी गैर-BJP राज्य सरकारों को परेशान करने के लिए गवर्नरों को कठपुतली बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से आने वाले सभी चुनावों में BJP के खिलाफ वोट करने की अपील की और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर तानाशाही शासन आ सकता है। खड़गे ने कहा कि राज्यपालों को कहा जाता है कि वे सिद्धारमैया या कांग्रेस सरकार द्वारा तैयार भाषण विधानसभा के जॉइंट सेशन में न पढ़ें। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ कर्नाटक में ही नहीं हुआ, बल्कि तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भी हुआ है। जहां-जहां कांग्रेस या गैर-बीजेपी सरकारें हैं, वहां राज्यपाल परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। राज्यपाल निजी तौर पर मानते हैं कि उन्हें ऊपर से आदेश मिलते हैं। दरअसल 22 जनवरी को कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने संयुक्त सत्र में सरकार का तैयार भाषण पढ़ने से इनकार कर दिया और अपना भाषण सिर्फ तीन पंक्तियों में खत्म किया। इस पर कांग्रेस सरकार ने कड़ा विरोध जताया। यह हाल के दिनों में गैर-बीजेपी शासित दक्षिणी राज्यों में राज्यपाल और सरकार के बीच तीसरा टकराव है; इससे पहले केरल और तमिलनाडु में भी ऐसे मामले हो चुके हैं। खड़गे बोले- देश में हिटलर राज आएगा उन्होंने आरोप लगाया, “BJP को पावर से हटाने के लिए, आने वाले सभी चुनावों में, चाहे छोटे हों या बड़े, BJP के खिलाफ वोट करें। तभी गरीब, मिडिल क्लास, छोटे काम करने वाले लोग बच पाएंगे, नहीं तो इस देश में हिटलर, मुसोलिनी, सद्दाम हुसैन जैसा राज आएगा। आ गया है। उन्होंने पूछा- मोदी सरकार ने देश के लिए क्या किया है? BJP ने कांग्रेस, नेहरू, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की बुराई करने के अलावा कुछ नहीं किया है। MGNREGA एक्ट खत्म करने का आरोप राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने केंद्र सरकार पर मनरेगा (MGNREGA) एक्ट को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को अधिकार देने वाले कानून बनाए थे, जबकि मोदी सरकार ऐसे कानून ला रही है जो लोगों के अधिकार कम करते हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत गरीबों को काम का अधिकार मिला था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे छीनकर उसकी जगह कमजोर कानून ला दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विरोध नहीं हुआ, तो सरकार गरीबों से जुड़ी कई योजनाएं भी खत्म कर देगी। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक राज्यपाल ने विधानसभा में अभिभाषण की 3 लाइन पढ़ीं, सदन छोड़कर निकले, मनरेगा के जिक्र पर आपत्ति कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 22 जनवरी को राज्य विधानमंडल के जॉइंट सेशन को संबोधित किया। उन्होंने सरकार के तैयार भाषण की केवल तीन लाइन ही पढ़ीं और सदन से बाहर चले गए। एक दिन पहले राज्यपाल ने सेशन संबोधित करने से इनकार किया था। पूरी खबर पढ़ें…

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