भिंड शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल गौरी सरोवर (गौरी तालाब) के आसपास स्थित प्राचीन मंदिरों के समीप मीट मंडी संचालित होने को लेकर एक बार फिर हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। शनिवार की दोपहर बजरंग दल, श्रीराम सेना सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गौरी तालाब के किनारे करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन कर मीट मंडी हटाने की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। अचानक शुरू हुए आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। आंदोलन को देखते हुए मीट मंडी के व्यापारी अपनी दुकानों के शटर बंद कर मौके से चले गए।इस मौके पर बजरंग दल के जिला पदाधिकारी कुलदीप तोमर ने कहा कि गौरी तालाब क्षेत्र एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां लंबे समय से मीट मंडी संचालित की जा रही है। इसे हटाने की मांग काफी समय से की जा रही है, लेकिन नगर पालिका और जिला प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि मीट मंडी शहर के बीचो-बीच नहीं बल्कि शहर से बाहर किसी एकांत स्थान पर संचालित होनी चाहिए। 100 से अधिक मंदिरों के बीच मीट मंडी पर आक्रोश वहीं, दीक्षा ठाकुर ने कहा कि इस क्षेत्र में शिवजी, माता पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं के 100 से अधिक मंदिर स्थित हैं और यहां मंदिरों की एक श्रृंखला बनी हुई है। ऐसे पवित्र स्थान के आसपास मीट मंडी का संचालन लोगों की धार्मिक आस्था पर सीधा आघात है। उन्होंने बताया कि मीट मंडी हटाने को लेकर पहले भी कई बार आदेश हो चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धरना स्थल पर मौजूद अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जब तक मीट मंडी यहां से नहीं हटाई जाएगी, आंदोलन जारी रहेगा।इस दौरान मौके पर पहुंचे नगर पालिका सीएमओ यशवंत वर्मा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मीट मंडी को स्थानांतरित किए जाने के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और इसे यहां से हटाया जाएगा। सीएमओ के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं का आक्रोश शांत हुआ और धरना प्रदर्शन को विराम दिया गया।


