एसपी ने सजेली वन क्षेत्र का बाइक से दौरा किया:ड्रोन से निगरानी, नाइट विजन कैमरे से रात में भी नजर रखने के निर्देश

झाबुआ के मेघनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सजेली नानया के सीमावर्ती वन क्षेत्र में 6 दिसंबर को हुई गौवंश वध की घटना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिव दयाल सिंह ने शनिवार को इस मामले में तीसरी बार क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम अवंधति प्रधान, एसडीओपी राजेश सुलिया और तहसीलदार पलकेश परमार सहित राजस्व, वन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पैदल और बाइक के जरिए वन क्षेत्र के उन दुर्गम स्थानों तक पहुंच बनाई जहां सामान्यतः आवाजाही कठिन होती है। एसपी डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि अब पूरे वन क्षेत्र की निगरानी आधुनिक ड्रोन कैमरों से की जा रही है। एसडीओपी को विशेष रूप से नाइट विजन ड्रोन के जरिए रात में भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की गुंजाइश न रहे। निरीक्षण के दौरान एसपी ने सरपंच जामसिंह, तड़वी भारत सिंह सहित अन्य ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों को ऐसे गंभीर अपराधों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध हलचल की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया। वन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए ठोस कार्ययोजना पर अमल करने के निर्देश दिए गए। डॉ. सिंह ने आश्वस्त किया कि वर्तमान में क्षेत्र में किसी नए घटनाक्रम के कोई संकेत नहीं मिले हैं, फिर भी सभी विभागों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सूचना तंत्र को मजबूत करने को कहा गया है। अपराध नियंत्रण के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रतिदिन सामूहिक भ्रमण और ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। अपराधियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी ने मौके पर ही एसडीओपी राजेश सुलिया और टीआई दिनेश शर्मा को सख्त प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने और अपराधियों का ‘फाइनल बाउंड ओवर’ कराने के आदेश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि बाउंड ओवर के बाद भी कोई व्यक्ति किसी भी तरह के अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध जिला बदर और एनएसए (रासुका) जैसी कठोरतम कानूनी धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी।

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