अनूपपुर जिले की कोतमा पुलिस ने शनिवार को पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मवेशी बरामद किए हैं। बरामद मवेशियों की कीमत लगभग 4 लाख रुपए बताई जा रही है। कोतमा थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ला ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि लामाटोला से बोडरी की ओर एक मालवाहक वाहन में क्रूरतापूर्वक मवेशी (भैंस/पड़ा) ले जाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम खोडरी तिराहे पर नाकाबंदी की। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक नहीं रुका। पीछा करने के बाद वाहन को बोड़री जैताबहरा के जंगल में रोका गया। यहां वाहन में लोड मवेशियों के साथ पांच व्यक्तियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपाल चन्द्रा (निवासी अमेरा टिकरा, मरवाही जीपीएम, छत्तीसगढ़), योगेश यादव उर्फ लल्लू (निवासी बमरौध, कोतमा, अनूपपुर), हीरू लाल जायसवाल (निवासी दरसिला, जैतपुर, शहडोल), लाला नामदेव (निवासी बंधवाटोला, कोतमा) और जितेन्द्र कचेर (निवासी लामाटोला, कोतमा) के रूप में हुई है। वाहन की तलाशी में 3 भैंस और 2 पड़े (कुल 5 मवेशी) मिले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले भी इसी तरह 5 मवेशी लाकर रज्जू पाव निवासी जैताबहरा के घर के पास जंगल में पेड़ से बांध रखा था। पुलिस ने उन 5 मवेशियों को भी रज्जू पाव के घर के पास से मुक्त कराया। आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि आरिफ खान और अल्फैज खान (दोनों निवासी झीकबिजुरी) तथा नीलू उर्फ निलेश पाण्डेय (निवासी बोडरी) पैसे लगाकर छत्तीसगढ़ से भैंस और पड़े खरीदवाते हैं। इन मवेशियों को बोडरी और जैताबहरा के जंगल में इकट्ठा किया जाता है, और फिर बड़ी गाड़ियों से बूचड़खानों में भेजा जाता है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने रज्जू पाव (निवासी जैताबहरा, जैतपुर, शहडोल), आरिफ खान (निवासी झीकबिजुरी, जैतपुर, शहडोल), अल्फैज खान (निवासी झीकबिजुरी, जैतपुर, शहडोल) और नीलू उर्फ निलेश पाण्डेय (निवासी बोडरी) के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


