बाल विवाह के दुष्परिणामों पर चर्चा, बेटियों ने ली शपथ

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को जशपुर ब्लॉक में बालिकाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में ‘एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ समर्पित जशपुर टीम द्वारा जिला मुख्यालय स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय (बालिका छात्रावास) में कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं के साथ यह विशेष दिन मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान टीम के सदस्यों ने छात्राओं से संवाद करते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह एक बालिका के संपूर्ण भविष्य को अंधकार में धकेल देता है। कम उम्र में विवाह से शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होता है और कम उम्र में गर्भधारण से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनसे कई बार जान का खतरा भी बना रहता है। छात्राओं को यह भी समझाया गया कि बाल विवाह के कारण बचपन छिन जाता है और लड़कियां मानसिक अवसाद, तनाव और सामाजिक दबाव का शिकार हो जाती हैं। विवाह के चलते शिक्षा अधूरी रह जाती है, जिससे वे आत्मनिर्भर नहीं बन पातीं और जीवनभर दूसरों पर निर्भर रहने को मजबूर हो जाती हैं। टीम के सदस्यों ने बालिकाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है और अपने अधिकारों को जानना हर बालिका के लिए आवश्यक है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *