उदयपुर के टीबी अस्पताल में एक मरीज के श्वसन नली में से 2.2 इंच लंबी थंब पिन चली गई। जिसे डॉक्टरों ने 20 मिनट में निकाल दी। मरीज तो लगातार खांसी आने पर अस्पताल पहुंचा था और उसको पता नहीं था कि उसके अंदर नोटिस पर बोर्ड पर लगाई जाने वाली थंब पिन फंस गई है। उदयपुर के बड़ी स्थित टीबी हॉस्पिटल में गुरुवार को एक एक 22 वर्षीय युवक अस्पताल आया और बताया कि वह बुधवार को ठोकर लगने से मुंह के बल गिर गया। गिरने से उसे चोट तो नहीं लगी, लेकिन तब से उसको खांसी बहुत चल रही है। डॉक्टरों ने खांसी के हिसाब से उसकी जांच शुरू की। डॉक्टरों ने जांच की तो एक्सरे में युवक की छाती में पिन-नुमा स्ट्रक्चर दिखा। टीबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज आर्य ने बताया कि पिन देख एक बारगी डॉक्टरों की टीम भी चौंक गई क्योंकि यह अपने आप में अनूठा मामला था। आर्य ने बताया कि पिन की लोकेशन जानने के लिए सीटी स्कैन करवाया गया। इसमें ब्रोंकस इंटरमीडियस (सांस की नली) में मेटेलिक स्ट्रक्चर का पता चला। पिन को निकालने के लिए वीडियो फाइबर ऑप्टिक ब्रोंकोस्कॉपी जांच की गई। पिन युवक के दाहिने फेफड़े की सांस नली में दिखी इसमें पता चला कि पिन युवक के दाहिने फेफड़े की सांस नली में अटकी है। इसे ब्रॉन्कोस्कॉप (दूरबीन) के वर्किंग चैनल से एलिगेटर फोरसेप्स (चिमटानुमा मेडिकल उपकरण) डाल कर पकड़ा और मुंह के रास्ते निकाला गया। यह प्रोसेस मात्र 20 मिनट में पूरा हो गया। डॉक्टरों का कहना है कि पिन की नोब सांस की नली में खाली स्थान पर अटकी थी, इस वजह से युवक को घाव या किसी प्रकार की हानि नहीं हुई। इलाज के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। अगर समय रहते युवक हॉस्पिटल नहीं पहुंचता और पिन नहीं निकाली जाती तो उसके गंभीर रूप से चोटिल होने की पूरी संभावना थी। टीम में ये डॉक्टर शामिल थे
अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज आर्य के साथ टीम में डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. प्रकाश बिश्नोई, डॉ. संजू चौधरी, डॉ. अनंत वर्मा समेत अन्य रेजिडेंट डॉक्टर शामिल थे।


