पंजाब में पेंशनर्स की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज होने जा रहा है। फाजिल्का में सोमवार को पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। एसोसिएशन ने 7 फरवरी को पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर 11-11 सदस्यों की भूख हड़ताल का ऐलान किया है। पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी बूटा सिंह बराड़ और गवर्नमेंट पेंशन यूनियन पंजाब के जिलाध्यक्ष हरभजन सिंह खुंगर ने बताया कि पंजाब के छठें वेतन आयोग ने पेंशनरों की पेंशन में 2.59 गुणांक के साथ संशोधन की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने इसे आज तक लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पेंशनर्स की प्रमुख मांगें पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, महंगाई भत्ते का भुगतान और 37 प्रकार के अन्य भत्तों की मंजूरी शामिल है। एसोसिएशन का आरोप है कि मुख्यमंत्री उनसे मिलने के लिए समय तक नहीं दे रहे हैं, जबकि वर्तमान विधायकों ने भविष्य के लिए अपनी पेंशन सुनिश्चित कर ली है। पेंशनर्स ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा सत्र से पहले वे मोहाली में एक बड़ी रैली करेंगे और विधानसभा की ओर कूच करेंगे। भूख हड़ताल से पहले जिला स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा जाएगा।


