श्री जैन रत्न युवक परिषद्, जयपुर की ओर से आयोजित 25वें रजत जयंती रक्तदान शिविर के दूसरे दिन लाल भवन जैन स्थानक में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 108 यूनिट रक्तदान किया। कार्यक्रम प्रभारी अनंत जैन ने बताया कि रक्तदान के माध्यम से किसी की अमूल्य जान बचाई जा सकती है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाने की अपील की। शिविर में महिलाओं की भागीदारी भी सराहनीय रही। सुनील कोठारी (46) ने 55वीं बार रक्तदान कर सभी को प्रेरित किया शिविर के दौरान परिषद् अध्यक्ष सुनील कोठारी (46) ने 55वीं बार रक्तदान कर सभी को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि वे 20 वर्ष की आयु से नियमित रूप से रक्तदान कर रहे हैं। सुनील कोठारी ने बताया कि जब उनके दादा अखिराज कोठारी को रक्त की आवश्यकता पड़ी थी, तब परिवार में कोई भी रक्तदान के लिए तैयार नहीं हुआ, उस समय उनके पिता विजयराज कोठारी ने स्वयं रक्तदान किया था। पिता को देखकर ही उन्होंने रक्तदान को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के बाद उन्हें कभी कमजोरी या परेशानी महसूस नहीं होती, बल्कि शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। वे समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन भी करवाते हैं। 64वीं बार रक्तदान कर रहे परविंदर सिंह बोले- दोस्त के बेटे की मदद से हुई शुरुआत वहीं 64वीं बार रक्तदान कर रहे परविंदर सिंह (58) ने बताया कि वे 24 वर्ष की उम्र से रक्तदान कर रहे हैं। उन्होंने अपने मित्र नरेश भाटिया के थैलेसीमिया से पीड़ित पुत्र के लिए पहली बार रक्तदान किया था। इसके बाद से वे नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे न तो स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और न ही कमजोरी आती है। कार्याध्यक्ष पीयूष सुराना ने जानकारी दी कि परिषद् के चार दिवसीय रजत जयंती कार्यक्रम की कड़ी में आगामी दिवस महावीर नगर, पांच्यावाला, झोटवाड़ा, प्रताप नगर, मानसरोवर एवं राधानिकुंज में प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।अब तक इस अभियान के अंतर्गत कुल 308 यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है। इस आयोजन में मंत्री अभिनंदन जामड़ा, कोषाध्यक्ष अर्पित मूसल, उपाध्यक्ष आशीष बोथरा, अभिनव गोखरू, श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा श्रुत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बसंत जैन सहित परिषद् के सभी कार्यकर्ताओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।


