बजट से पहले भजनलाल सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव किया है। शुक्रवार रात को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में सीएम से लेकर दोनों डिप्टी सीएम और आधा दर्जन मंत्रियों के विभागों में बड़े अफसरों को बदला गया है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी, ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के महकमों में IAS अफसरों का ट्रांसफर किया गया। माना जा रहा है कि मंत्रियों से तालमेल नहीं बैठ पाने के कारण अफसरों को इधर से उधर किया गया है। किरोड़ी के विभाग ग्रामीण विकास से दो आईएएस अफसरों के तबादले हुए हैं। किरोड़ी के विभाग से ग्रामीण विकास सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर और जलग्रहण सचिव विश्राम मीणा का तबादला हुआ है। बताया जाता है कि पेडणेकर का संतुलन नहीं बन रहा था, इसलिए उन्हें बदला है। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के विभाग उच्च शिक्षा से सचिव आरुषि मलिक का तबादला उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह के विभाग में राजस्थान स्मॉल इंडस्ट्री कॉरपोरेशन लिमिटेड (राजसीको) के निदेशक के पद पर किया गया है। उनकी भी डिप्टी सीएम से तालमेल नहीं बैठने की बात सामने आ रही थी। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन के विभागों में भी अफसरों में बदलाव किया गया है। उनके विभाग में आरुषि मलिक राजसीको डायरेक्टर और शिवांगी स्वर्णकार रीको एमडी पद पर लगाया है। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के विभाग से डीएलबी निदेशक कुमार गौतम का तबादला वित्त राजस्व सचिव पद पर किया गया है। भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, अब विभागीय जांच आयुक्त की जिम्मेदारी
एपीओ चल रहे कोटा के पूर्व संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय को विभागीय जांच आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। कोटा संभागीय आयुक्त रहते हुए राजेंद्र विजय के ठिकानों पर अक्टूबर 2024 में एसीबी ने छापे मारे थे। इसमें बड़ी तादाद में निवेश दस्तावेज और आय से ज्यादा संपत्ति मिली थी। अब राजेंद्र विजय को अफसरों की जांच करने वाले विभागीय जांच आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। इस पोस्टिंग को लेकर ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक हलकों में खूब चर्चाएं हो रही हैं। राजेंद्र विजय एक बीजेपी नेता के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। गहलोत-वसुंधरा राज में बजट डायरेक्टर रहे शरद मेहरा को वित्त विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी
बजट से पहले वित्त विभाग में फेरबदल कर तीन आईएएस को बदला गया है। वित्त राजस्व सचिव रवि सुरपुर को बीकानेर संभागीय आयुक्त लगा है। उनकी जगह डीएलबी से कुमारपाल गौतम को वित्त राजस्व सचिव लगाया है। वित्त विभाग में ही विशिष्ठ सचिव टीकम चंद बोहरा का तबादला राजफेड एमडी पद पर कर दिया है। गहलोत-वसुंधरा सरकार के समय बजट डायरेक्टर रहे शरद मेहरा को वित्त व्यय-1 विभाग में संयुक्त सचिव लगाया है। वित्त व्यय विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद जुनैद पीपी का तबादला कर जलग्रहण विभाग के निदेशक पद पर लगाया है। डोटासरा के SA रहे मातादीन मीणा को अल्पसंख्यक निदेशक की जिम्मेदारी
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते उनके SA रहे मातादीन मीणा का प्राच्य विद्या संस्थान जोधपुर के निदेशक से जयपुर में अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निदेशक पद पर तबादला किया है। मातादीन मीणा को कुछ महीनों बाद ही जयपुर पोस्टिंग दे दी गई है। दुलीचंद मीणा होंगे मंत्री बेढ़म के एसए, गुर्जर मंत्री के मीणा एसए लगाने के सियासी मायने
दो मंत्रियों के एसए बदले गए हैं। उनमें जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी के विशिष्ट सहायक राजेंद्र सिंह राठौड़ का तबादला करके उन्हें गजेंद्र सिंह खींवसर के विभाग मेडिकल एजुकेशन के संयुक्त सचिव के पद पर लगाया है। बीकानेर एडीएम डॉ. दुलीचंद मीणा को गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म विशिष्ट सहायक (SA) के पद पर लगाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। गुर्जर समाज से बीजेपी सरकार में बेढ़म एकमात्र मंत्री हैं। बेढ़म के यहां मीणा समाज के अफसर को एसए पद पर लगाने के पीछे गुर्जर-मीणा जातीय समीकरण साधने के एक मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है। सीएम की प्रमुख ओएसडी IFS टीजे कविथा का तबादला चर्चाओं में
आईएफएस अफसरों की तबादलों में सीएम की प्रमुख ओएसडी टीजे कविथा को बदलना भी चर्चा बना हुआ है। वे 11 महीने ही सीएमओ में रह सकीं। टीजे कविथा का 1 जनवरी को ही प्रमोशन हुआ था। वे प्रधान मुख्य वन संरक्षक पे स्केल में प्रमोट हुई थीं। प्रमोशन के महीने भर बाद ही उन्हें सीएमओ से हटाकर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास), जयपुर के पद पर लगा दिया है। सीएमओ में पहले भी आईएफएस अफसर ओएसडी लगते रहे हैं। अरिजीत बनर्जी वसुंधरा राजे के समय ओएसडी रह चुके हैं। सीएम के संयुक्त सचिव बनाए गए अरविंद पोसवाल कांग्रेस राज के वक्त से कलेक्टर थे। कांग्रेस राज में लगे वे एकमात्र कलेक्टर थे, जिन्हें बदला नहीं गया था। अरविंद पोसवाल 6 साल 1 महीने लगातार कलेक्टर रहे। गहलोत सरकार के समय सबसे पहले 25 दिसंबर 2018 को राजसमंद में कलेक्टर लगाए गए थे। इसके बाद चित्तौड़गढ़ और फिर उदयपुर में कलेक्टर लगाया गया। पोसवाल 15 जुलाई 2023 से उदयपुर कलेक्टर के पद पर काम कर रहे थे। अफसरों के तबादले की यह खबर भी पढ़िए… बजट से पहले सचिव का ट्रांसफर,टीना डाबी की बहन सीईओ:भ्रष्टाचार के आरोपी IAS को फिर पोस्टिंग; राजस्थान में रातोंरात 224 अधिकारी बदले राज्य सरकार ने शुक्रवार आधी रात में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 53 IAS, 24 IPS, 34 IFS और 113 RAS के तबादले किए हैं। चार संभागीय आयुक्त और तीन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। कांग्रेस राज से उदयपुर कलेक्टर लगे अरविंद पोसवाल का तबादला मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव के पद पर किया है। जयपुर, बीकानेर, कोटा और उदयपुर के संभागीय आयुक्त बदले गए हैं। उदयपुर, और सलूंबर के कलेक्टर बदले गए हैं। (यहां पढ़ें पूरी खबर)


