छोटा नेहरू स्टेडियम में आयोजित महापौर केसरी कुश्ती प्रतियोगिता के दूसरे दिन देशभर के पहलवानों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम के एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया के संरक्षण में आयोजित इस प्रतियोगिता में बालक-बालिकाओं ने भी अपना जलवा दिखाया। महापौर भार्गव ने कुश्ती को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए सभी प्रतिभागी पहलवानों और अखाड़ों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर पहाड़िया ने कहा कि इंदौर में पहलवानी की समृद्ध परंपरा रही है और भविष्य में भी बड़े दंगल आयोजित किए जाएंगे। महापौर केसरी दंगल का समापन 3 फरवरी को होगा, जिसमें फाइनल मुकाबला भी खेला जाएगा। प्रतियोगिता में सबसे रोचक मुकाबला कुणाल मराठा और सचिन दहिया के बीच देखने को मिला, जिनकी तकनीकी कुशलता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बालिकाओं के वर्ग में सोनिया ओढ़ और दिव्या काकराण के बीच हुई प्रतिस्पर्धा ने भी दर्शकों को रोमांचित किया। प्रतियोगिता सुबह 8 बजे से शुरू होकर रात तक चली, जिसमें पहलवानों ने अपनी ताकत और कौशल का जबरदस्त नमूना पेश किया। रोमांचक और जोश से भरे मुकाबले देखने को मिले दूसरे दिन की मुख्य कुश्तियों में भी कई रोमांचक और जोश से भरे मुकाबले देखने को मिले। प्रमुख मुकाबलों में परवेज़ (सोनीपत) के साथ रवि हुड्डा (दिल्ली) और रजत ( दिल्ली ) के साथ पुष्पेंद्र ( नेवी) के बीच संघर्ष हुआ। दोनों जोड़ी ने अपनी पूरी ताकत और रणनीति का भरपूर उपयोग किया, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प बन गया। इस अवसर पर पहलवानों ने महापौर केसरी कुश्ती के प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया का साफा पहनाकर सम्मान किया। सफ़ाईकर्मियों का भी सम्मान इस आयोजन के दौरान सफ़ाईकर्मियों का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन के दौरान साफ-सफाई बनाए रखी। उनके चेहरों पर मुस्कुराहट और संतोष की झलक देखी गई, जिससे आयोजन के प्रति उनके समर्पण का स्पष्ट संकेत मिला।इसके अलावा, चन्द्रपाल उस्ताद, पप्पू यादव अखाड़ा, ताराचंद अखाड़ा, चंदनगुरु अखाड़ा, कृपाशंकर उस्ताद अखाड़ा व अन्य अखाड़ों के होनहार खिलाड़ी अपेक्षा बेस, गायत्री निराले, दिव्यांशी, नव्या, बादल यादव, नसीब मंसूरी के बीच भी बेहतरीन मुकाबले हुए, जहां पहलवानों ने अपनी तकनीकी कुशलता से दर्शकों का मन मोह लिया। इन मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे और उन्होंने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।


