विदिशा में लोकायुक्त द्वारा रिश्वत लेते पकड़े गए एएसआई संजय सिंह के मामले में नया मोड़ आया है। शिकायतकर्ता विक्रम ने पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर थाना सिविल लाइन के तीन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विक्रम के अनुसार, 31 जनवरी की रात सिविल लाइन के आरक्षक दीपक भानेरिया, शैलेन्द्र दांगी और प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा उसके घर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने न केवल अभद्र व्यवहार किया और गालियां दीं, बल्कि एएसआई संजय सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में राजीनामा करने का दबाव बनाया और बयान बदलने की धमकी भी दी। रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था
एएसआई संजय सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने विक्रम के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया था और मारपीट भी की थी। संजय सिंह रिश्वत की मांग कर रहे थे, जिसकी शिकायत विक्रम ने लोकायुक्त भोपाल में की थी। इसी शिकायत के आधार पर 31 जनवरी को लोकायुक्त पुलिस ने संजय सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। विक्रम ने पुलिसकर्मियों की धमकियों से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पुलिस अधीक्षक ने सीएसपी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


