फाजिल्का जिले में अबोहर के गांव जंडवाला हनुवंता निवासी की शनिवार देर रात करंट लगने से मौत हो गई। जब यह हादसा हुआ, वह कुत्तों को रोटी खिला रहा था। करंट लगने के बाद व्यक्ति को बठिंडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, 47 वर्षीय हीरा लाल पुत्र सहीराम, मजदूरी करता था। शनिवार की दोपहर वह रोजाना की तरह घर के पास कुत्तों को रोटी डाल रहा था। इसी दौरान पास लगे एक ट्रांसफॉर्मर में कारण आए करंट की चपेट में आकर मौके पर ही गिर गया। जमीन पर अचेत पड़ा देख बंद कराई बिजली सप्लाई आसपास के लोगों ने उसे अचेत पड़ा देखकर बिजली बंद करवाई और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। परिजन उसे गंगानगर ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इसके बाद परिवार वाले बेहतर उपचार के लिए उसे बठिंडा के अस्पताल ले गए, जहां कल रात उसने दम तोड़ दिया। रविवार सुबह उसका शव अबोहर के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में लाया गया। पंचायत ने बिजली विभाग को ठहराया दोषी मृतक हीरा लाल के पीछे उसकी पत्नी, बूढ़ी मां और एक गोद ली हुई बेटी हैं। गांव की पंचायत ने इस घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। इधर थाना खुईयां सरवर के हैड कांस्टेबल रोबिन कुमार ने मृतक के भाई राम कुमार के बयानों पर 194 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। इधर, परिजनों व अस्पताल में मौजूद गांव के सरपंच गजानंद और आम आदमी पार्टी नेता इंद्रजीत ने बताया कि बिजली ट्रांसफॉर्मर को सही करने के लिए उन्होंनें कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नही लिया जिससे एक घर का चिराग बुझ गया। मृतक परिवार में अकेला कमाने वाला था। उन्होंने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।


