पश्चिमी विक्षोभ के बाद कोटपूतली क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली है। शुक्रवार को हुई मावठ के बाद तेज शीतलहर के कारण रविवार सुबह खेतों में पाला जम गया। इससे किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं, खासकर सरसों की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। सब्जियों के खराब होने का डर
मावठ से शुरुआत में फसलों को फायदा हुआ था, लेकिन अब पाला जमने से रबी की फसलें जैसे सरसों, चना, आलू, मिर्च और टमाटर आदि सब्जियों को खराब होने का डर है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। रविवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले, तो उन्होंने छप्परों, पगडंडियों और फसलों पर बर्फ की चादर जमी देखी। मान्यवाली गांव के किसान रामनिवास यादव, गिरधारी, हरदयाल पंच, किशन लाल और लीलाराम ने बताया कि शनिवार को दिनभर तेज धूप के साथ बर्फीली हवाएं चलीं। किसानों के अनुसार, रात में हवा नहीं चलने के कारण आसमान से गिरी बर्फ पाले के रूप में फसलों पर जम गई। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से पाला पड़ रहा है, जिससे गेहूं की फसल को लाभ हुआ है, लेकिन रविवार सुबह पड़े पाले से क्षेत्र में बड़ी मात्रा में सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है।


