लखनऊ हाईकोर्ट के दो वकीलों की मौत:चिनहट में कार तालाब में डूबी, अंदर मिले शव; रस्सी से खींचकर बाहर निकाला

लखनऊ हाईकोर्ट के दो वकीलों की संदिग्ध हालात में तालाब में डूबकर मौत हो गई। दोनों के शव कार के अंदर मिले हैं। माना जा रहा है कि घटना देर रात की है। शनिवार सुबह आसपास के लोगों ने कार को तालाब में डूबे देखा तो कार तालाब में उल्टी पड़ी थी। चारों पहिए ऊपर थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तालाब के अंदर उतरी। देखा तो दोनों शव कार के अंदर थे। फिर टीम ने जैसे-तैसे दरवाजा खोलकर शवों को बाहर निकाला। इसके बाद रस्सी से खींचकर वेन्यू कार को किनारे लाए। मामला चिनहट थाने के नौबस्ता कला गांव का है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार की जांच की। इसके बाद पुलिस ने कार को सील कर दिया। वकीलों की पहचान खरगापुर निवासी स्टैंडिंग काउंसिल कुलदीप अवस्थी (40) और विकास नगर निवासी शशांक सिंह (37) के रूप में हुई है। अब देखिए हादसे की तस्वीरें… कार नंबर और कागजों से वकीलों की पहचान
पुलिस ने वकीलों के पास से मिले कागजों और कार के नंबर से मृतकों की पहचान की। इसके बाद परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल, पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आसपास के CCTV चेक कर रही पुलिस
कार की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें कार का पिछला शीशा टूटा दिखाई दे रहा है। फिलहाल, सीनियर पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे हैं। अफसरों ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास के CCTV चेक किए जा रहे हैं। घटना कैसे हुई। इसका पता लगाया जा रहा है। परिवार से भी बातचीत की जा रही है। दोनों कितने बजे घर से निकले थे। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है। घर से दावत के लिए निकले थे…
कार कुलदीप की थी। भाई मनीष का कहना है कि रात 8 बजे वह दावत में जाने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक जब घर नहीं पहुंचे तो कई बार फोन किए। फोन नहीं उठा। सुबह घटना की जनकारी हुई। शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
पुलिस का कहना है कि जहां हादसा हुआ है वहां अंधा मोड़ है। हो सकता है गाड़ी स्पीड में थी, अचानक मोड़ में ब्रेक लगाने के कारण बेकाबू हो कर पलट गई हो। दोनों वकीलों के शव पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। परिजन बोले- कुछ पता नहीं कैसे क्या हुआ
दोनों वकीलों के परिजन लखनऊ पोस्टमॉर्टम हाऊस पहुंच गए हैं। हादसे के बारे में अभी उनको किसी तरह की जानकारी नहीं है। घटना को लेकर दोनों वकीलों के परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वह खुद चिंतित हैं, आखिर हादसा कैसे हुआ।
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गाजियाबाद में 150 गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में आग:30 मिनट तक ब्लास्ट होते रहे, आसपास के कई मकान जले; लोग घर छोड़कर भागे गाजियाबाद में शनिवार सुबह सिलेंडर से भरे चलते ट्रक में आग लग गई। पलभर में आग ने विकराल रूप ले लिया। हाईवे पर 150 सिलेंडर 30 मिनट तक फटते रहे। हादसा इतना भीषण था कि सड़क किनारे बना गोदाम ढह गया। सिलेंडर 100 मीटर दूर आसपास के मकानों में गिर रहे थे, इससे 2-3 घर में आग लग गई। आग की लपटें और धमाके की आवाज 3 किमी दूर तक सुनाई दे रही थी। रुक-रुककर सिलेंडर फट रहे थे। आसपास के घरो में सो रहे लोगों ने समझा बम ब्लास्ट हो रहा है। डरकर घरों से भाग गए। आस-पास खड़े वाहन जलकर राख हो गए। गनीमत रही कि ड्राइवर चलते ट्रक से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां पहुंचीं। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना टीला मोड़ क्षेत्र के भोपुरा चौक दिल्ली-वजीराबाद रोड की है। CFO राहुल पाल ने बताया- शुरुआती जांच में पता चला है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। कोई जनहानि नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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