जोधपुर का स्टील व्यापारी बना अफीम तस्कर:फ्लाइट से खेप लेने असम-मणिपुर जाता था, ट्रेन से लेकर लौटता; बॉर्डर पर खपाता था

स्टील के काम में ज्यादा मुनाफा नहीं दिखा तो 12वीं पास व्यापारी तस्कर बन गया। अफीम और नशे की गोलियां राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में सप्लाई करने लगा। इसके लिए फ्लाइट से मणिपुर-असम जाता और वहां से नशे की खेप ट्रेन से लेकर आता था। नशे के सामान को अन्य पैसेंजर की सीट के नीचे रख देता और स्टेशन आने पर उतार लेता। तस्कर पर बीकानेर रेंज पुलिस ने 30 हजार रुपए का इनाम रख रखा था। जोधपुर रेंज पुलिस ने 5 साल से फरार आरोपी को उसके मुंह बोले भाई के फार्म हाउस पकड़ा है। मुंह बोले भाई को बनाया पार्टनर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि साइक्लोनर सेल की टीम ने नशे के अवैध कारोबारी सरगना नरेंद्र कुमार पुत्र कुंभाराम बिश्नोई निवासी नेड़ी नाड़ी पुलिस थाना धोरीमन्ना बाड़मेर और उसके सहयोगी रहे गोपी राम पुत्र मुल्तान राम विश्नोई निवासी उदानियों की ढाणी सांवरीज पुलिस थाना फलोदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के सहयोगी की ठिकाने से भारी मात्रा में अवैध अफीम का दूध भी बरामद किया गया है। रेंज आईजी विकास कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 5 साल में आरोपी अपने ठिकाने बदलता रहा। कुछ महीनों पहले ही वह अपने मुंह बोले भाई फलोदी निवासी गोपी राम को अपना पार्टनर बनाया और उसके फलोदी के समीप सांवरीज स्थित फार्म हाउस को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाकर फिर से तस्करी का धंधा चलाने लगा था। फार्म हाउस पर आए ग्रामीणों का फोन इस्तेमाल करता था आईजी ने बताया- तस्कर नरेंद्र फार्म हाउस में रह कर वहां काम करने आने वाले ग्रामीणों के फोन का इस्तेमाल कर धंधा चलाने लगा। साइक्लोनर टीम को राजस्थान से पंजाब राज्य से सटे जिलों में मादक पदार्थ सप्लाई की सूचना मिल रही थी। पड़ताल की तो फलोदी के सांवरीज गांव से तस्करी का नेटवर्क चलने की सूचना मिली। इस पर टीम ने टेक्निकल जानकारी जुटाई तो एक फार्म हाउस की लोकेशन सामने आई। इस पर टीम ने मोबाइल नंबर पर फोकस करते हुए पूरी कुंडली खंगाली तो आरोपी नरेंद्र के बारे में जानकारी मिली। टीम ने शुक्रवार को आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। आरोपी अपने मुंह बोले भाई के खेत में बने ठिकाने पर बैठा था। जिसे टीम ने शनिवार सुबह पकड़ लिया गया। पुलिस ने ऑपरेशन का नाम विषकुंभी इसलिए रखा क्योंकि आरोपी नशीली दवाइयां और अवैध अफीम (विष) की तस्करी करता था और उसके पिताजी का नाम कुंभाराम होने से ऑपरेशन का नाम विषकुंभी रखा गया। स्टील के काम में मुनाफा नहीं हुआ तो तस्कर बना रेंज आईजी ने बताया- तस्कर नरेंद्र 12वीं तक पढ़ने के बाद स्टील का काम करने लगा। लेकिन, स्टील के बिजनेस में कम कमाई होते देख नशे के कारोबार में लिप्त हो गया। साल 2021 में गंगानगर जिले के पुलिस थाना समेजा कोठी में करीब 20000 अवैध नशीली दवाइयां पकड़ी गई थी। जिसमें मामला दर्ज होने के बाद फरार हो गया था। अपनी फरारी के दौरान आरोपी ने मणिपुर से बड़ी मात्रा में अवैध अफीम को राजस्थान के सीमावर्ती जिलों तक सप्लाई करने का काम किया। नशे की खेप सीट के नीचे रख कर ले आता था रेंज आईजी ने बताया कि पूछताछ में यह सामने आया है कि नरेंद्र प्लेन के जरिए असम और फिर मणिपुर जाता था। मादक पदार्थ की खेप लेकर आते समय ट्रेन का सहारा लेता था। ट्रेन में साधारण यात्री बनाकर मादक पदार्थों की सप्लाई लेकर बैठता था। आईजी ने बताया ट्रेन में अफीम का दूध एक साधारण थैले में दूसरे यात्रियों की सीट के नीचे रख देता था। मणिपुर से अवैध अफीम का दूध बीकानेर तक ट्रेन के जारी लाने के बाद आरोपी अपने कार में रखकर गांव के व्यक्ति अशोक को देकर गंगानगर तक सप्लाई करने का काम करने लगा। बीकानेर जिले में 5 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध अपनी गाड़ी स्विफ्ट कार में रखकर अशोक निवासी नेड़ी नाडी को दिया। जिसे छतरगढ़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जोधपुर रेंज की तस्करों पर कार्रवाई से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान छोड़कर भागे तस्कर को चाय पीते हुए पकड़ा:नया साल मनाने जैसलमेर जा रहा था; 3 राज्यों में नेटवर्क, होटल पर तस्करों की मीटिंग करवाता था 2 साल पहले राजस्थान छोड़कर भागे तस्कर को जोधपुर रेंज पुलिस ने जयपुर के नजदीक हाईवे पर चाय पीते हुए पकड़ा। यह अफीम और डोडा तस्करी में 3 साल से फरार चल रहा था, इस पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था। वह नए साल पर असम से जैसलमेर घूमने अपने 2 दोस्तों के साथ आया था। (पढ़ें पूरी खबर) जोधपुर पुलिस बनी प्रॉपर्टी डीलर,तस्कर को पकड़ा:जमीन खरीदने का नाटक किया; बदमाश के नाम पर चलाया ऑपरेशन ‘मद-गवैया’ जोधपुर रेंज की स्पेशल साइक्लोनर टीम ने NDPS एक्ट के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये टीम प्रॉपर्टी डीलर बनकर तस्करों तक पहुंची। तस्कर भणियाणा (जैसलमेर) में एक फॉर्म हाउस में पार्टी कर रहे थे। टीम दीवार फांदकर अंदर गई और तीनों को पकड़ा। तीनों में से एक तस्कर भणियाणा में उप प्रधान का जेठ है। सामने आया है कि राजनीतिक रसूख दिखाकर मादक पदार्थ की तस्करी करते थे। (पढ़ें पूरी खबर)

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