राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) में आज “Allergenius 2.0 ( Advancing Allergy Medicine) की वर्कशॉप का आयोजन हुआ। इसमें भारत में तेजी से बढ़ रहे एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, फूड एलर्जी एवं ड्रग एलर्जी जैसे रोगों के प्रभावी मैनेजमेंट और उनके रिसर्च और ट्रीटमेंट पर एक्सपर्ट्स संग चर्चा हुई। इस चर्चा के बाद RUHS के कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले ने आरयूएचएस हॉस्पिटल में एलर्जी क्लिनिक शुरू करने का एलान करते हुए इसकी एडवांस लैब भी जल्द शुरू करने की घोषणा की। कार्यक्रम आयोजन डॉ. मोनिश ग्रोवर, डॉ. गौरव गुप्ता और डॉ. राघव मेहता के नेतृत्व में हुआ। डॉ. ग्रोवर ने बताया- आज हुई इस वर्कशॉप में एलर्जी डायग्नोस्टिक्स, स्किन प्रिक टेस्टिंग, स्पाइरोमेट्री, मेडिकल मैनेजमेंट, एलर्जी में सर्जरी की भूमिका और एलर्जी से जुड़े सामान्य मिथकों और भ्रांतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया- आज भारत में 30 फीसदी लोग किसी न किसी एलर्जी रोग से प्रभावित है। इसे डायग्नोस करने और ट्रीटमेंट करने की सुविधा हर जगह उपलब्ध नहीं होती है। ऐसे में बड़े शहरों में सरकारी हॉस्पिटल इस तरह की क्लिनिक अगर शुरू होती है, तो गरीब मरीजों को इसका फायदा होगा। अगले महीने ओपीडी शुरू होगी डॉक्टर ग्रोवर ने बताया- इस एलर्जी क्लिनिक में मरीजों की उन समस्याओं की जांच की जाएगी, जिससे मरीज को एलर्जी है। कई मरीजों को गेंहू, धूल-मिट्टी के अलावा अन्य कई चीजों से एलर्जी होती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी होते है, जिन्हें दवाईयों में उपयोग होने वाले अलग-अलग सॉल्ट से भी एलर्जी होती है। इन सबकी जांच करके उनका पर्याप्त उपचार इस ओपीडी के जरिए मरीजों को मिल सकेगा।


