वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत किया गया आम बजट इस बार सबकी तारीफें बटोर रहा है। लोग खुश हैं क्योंकि मध्यम वर्ग को खुशी देने वाला बजट है इस बार। 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर नहीं देना होगा। इस कदम से बड़े पैमाने पर लोगों को लाभ होगा। लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद मध्यम वर्ग के लोगों को खुश रहने का कारण इस बजट से मिला है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट प्रस्तुत किया। सबकी निगाहें आयकर स्लैब पर टिकी थीं। जो घोषणा वित्त मंत्री ने की, लोगों ने उसे सराहा। महिलाओं के लिए भी इस बजट में काफी कुछ है। किसानों का ध्यान भी रखा गया है। उद्यमियों की ओर से भी बजट को सराहना मिली है। सीनियर सिटीजन और मध्य वर्ग को राहत देने वाला बजट
आयकर एवं जीएसटी के सीनियर एडवोकेट विकास श्रीवास्तव ने कहा कि वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख तक आय को टैक्स फ्री करने का ऐलान किया है। वेतन भोगी के लिए छूट की सीमा 12 लाख 75 हजार तक होगी। जिसमें 75 हजार स्टैण्डर्ड डिडक्शन के मद में प्राप्त होगा। इसके तहत 24 लाख रुपए से ज्यादा की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। फिर 8 से 12 लाख रुपए की आय पर 10 प्रतिशत टैक्स लगेगा। साथ ही 15 से 20 लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत टैक्स छूट मिलेग। साथ ही टैक्स फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाकर 4 साल की गई। सरकार ने कहा कि टैक्स कानूनों में बड़े बदलावों की तैयारी है। इसके तहत टैक्स नियमों को आसान बनाए जाने की बात कही गई है।
वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि बजट 2025 में टीडीएस दरों को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को काफी राहत मिलेगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज से होने वाली आय पे टीडीएस कटौती की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर दोगुनी 1 लाख रुपये हो जाएगी। इसके अलावा, किराए पर टीडीएस सीमा 2.4 लाख से बढ़कर 6 लाख रुपये हो जाएगी।
इसके साथ ही माननीय वित्त मंत्री जी ने नए सरलीकृत आयकर कानून का विधेयक अगले सप्ताह पेश करने का आश्वासन दिया है जिसके अंतर्गत आइटीआर फार्म्स का सरलीकरण, पुराने कुछ धाराओं को कानून से हटाना, टीडीएस का सरलीकरण आदि प्रस्तावित है। विकास केंद्रित व संतुलित बजट दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कामर्स विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. प्रतिमा जायसवाल ने बताया कि 2025 का आम बजट एक विकास केंद्रित एवं संतुलित बजट है। वास्तव में यह बजट आम आदमी ,किसानों, उद्यमियों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों तथा विशेष कर नौकरी पेशे वालों का बजट है। यह मुख्य रूप से करदाताओं को राहत देने वाला है, क्योंकि अब 12 लाख रुपए की आय पर कोई कर नहीं देना होगा। इससे उपभोग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। जिससे अर्थव्यवस्था को एक गति भी मिलेगी अगर देखा जाए तो 1 लाख प्रति माह की आय पर अब कर नहीं लगेगा । महिला उद्यमी को पहली बार 2 करोड़ तक टर्म लोन मिलेगा। बीमा में 100 प्रतिशत एफडीआई होंगे, जिससे बीमा सस्ता होगा। डेयरी और मछली पालन के लिए 5 लाख तक का लोन मिलेगा । किसान की आय को बढ़ाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। 50 नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। MSME सेक्टर को मिलेगी मजबूती
लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि सरकार ने एक गारंटी फंड की स्थापना की है। जो प्रत्येक उद्योग को 100 करोड़ रुपये तक की गारंटी प्रदान करेगा। इससे बैंकों के लिए लोन देना आसान होगा और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को लोन लेने में कम जोखिम का सामना करना पड़ेगा। साथ ही छोटे कारोबारियों के लिए मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय के विस्तार में मदद मिलेगी। 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि MSME और मध्यम वर्ग को बहुत राहत मिलेगी। उद्योग जगत के लिए अच्छा बजट
सीए एवं उद्यमी अंसल खरे ने कहा कि बजट का मुख्य केन्द्र गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी और ब्यापार का विकास है। इसके जरिए MSME की सहायता की गई है। जिसके तहत पहले वर्ष 10 लाख सूक्ष्म उद्यमियों को 5 लाख रुपये के क्रेडिट कार्ड जारी किये जाएंगे। MSME के वर्गीकरण की परिभाषा में बदलाव किया गया है। अब 10 करोड़ तक के टर्नओवर वाले सूक्ष्म उद्यमी कहलाएंगे। पहले यह सीमा 5 करोड़ तक थी। किराये पर टीडीएस 2.40 लाख से बढ़ाकर 6 लाख करना स्वागत योग्य है। आम आदमी को राहत देने वाला बजट युवा समाजसेवी डा. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह बजट आम आदमी को राहत देने वाला है। इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। 12 लाख तक सालाना आय वाले अब आयकर से मुक्त होंगे। यह बहुत बड़ी राहत है। बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं। छोटे उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए क्रेडिट कार्ड जारी करने को कहा गया है। किसानों के लिए भी यह बजट लाभदायक है। इससे अपना देश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ सकेगा।


