झांसी पहुंचे आरपीएफ के डीजी मनोज यादव ने कहा कि यात्रियों से सेवाभाव और अपराधियों के साथ शक्ति रुप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल के जवानों को वर्दी पहनते समय ध्यान रखना चाहिए कि वर्दी का सम्मान बना रहे। वर्दी में आचरण के लिए सावधान रहना है। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल के लोगों की मदद, चाइल्ड ट्रैफिकिंग, मानव तस्करी, वन्यजीव, शराब, मादक पदार्थ की तस्करी से लोगों को बचाने का कार्य करता है। बोले रेल सुरक्षा बल का हर 4-5 दिन में एक केस मानव जीवन रक्षा का उदाहरण प्रस्तुत करता है। आरपीएफ के जवान राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा एवं बचाव करते हैं। रेल सुरक्षा है पहली जिम्मेवारी महानिदेशक आरपीएफ ने झांसी रेल मंडल के अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अपराध नियंत्रण और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें मंडल की भौगोलिक स्थिति, आपराधिक आंकड़े और रेल सुरक्षा बल द्वारा की गई उपलब्धियों का विश्लेषण किया गया। इस दौरान उन्होंने रेल और यात्री संपत्ति की सुरक्षा के लिए बल को सतर्कता से काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, झांसी रेल मंडल में आरपीएफ कर्मियों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों की सराहना भी की। महाकुंभ की तैयारियों को भी परखा झांसी में उमड़ रही महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डीजी आरपीएफ मनोज यादव ने कहा कि इन दिनों प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ स्टेशनों पर उमड़ रही है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि यात्री आपके विश्वास पर ही यात्रा करते हैं। ऐसे में उनका विश्वास बनाने के लिए और भी अच्छा काम करें। सुरक्षा कर्मियों की शिकायतों का प्राथमिकता से हो निस्तारण महानिरीक्षक ने रेलवे वर्कशॉव में आरपीएफ अधिकारियों और जवानों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने जवानों से सीधे संवाद किया। इस दाैरान कई शिकायतों को भी महानिदेशक आरपीएफ ने सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण कराया। इसके बाद वह बोले कि जवानों की जो भी शिकायत आती हैं, उनका प्राथमिकता से निस्तारण करें ताकि, जवानों के मन में किसी भी प्रकार की गलत भावना उत्पन्न न हो।


