एमपी की तीन हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री:भोपाल के कैलाश चंद्र पंत, लोक कलाकार भगवानदास और मोहन नागर होंगे सम्मानित

भारत सरकार की ओर से दिए जाने वाले पद्म पुरुस्कारों की घोषणा हुई है। साल 2026 के पुरुस्कारों में मप्र की तीन हस्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। ये हस्तियां पद्मश्री से सम्मानित होंगी
भोपाल के प्रख्यात लेखक कैलाश चंद्र पंत, सागर के मार्शल आर्ट कलाकार भगवानदास रैकवार और मप्र जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। कैलाश चंद्र पंत को पद्मश्री की घोषणा के साथ ही उनके भोपाल स्थित घर में खुशी का माहौल है। देखिए तस्वीरों में कैलाश चंद्र पंत के घर का माहौल… कैलाश चन्द्र पंत का परिचय
वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और सांस्कृतिक चिंतक कैलाशचन्द्र पंत हिंदी साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में दशकों से सक्रिय रहे हैं। उनका जन्म 26 अप्रैल 1936 को महू, जिला इंदौर (मध्यप्रदेश) में हुआ। उन्होंने एम.ए., साहित्याचार्य और साहित्य रत्न की उपाधियां प्राप्त कीं।
शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव
श्री पंत ने अपने कार्यजीवन की शुरुआत शिक्षा और प्रशिक्षण से की। वे यूनियन थियोलॉजिकल सेमिनरी, इंदौर में 1957 से 1959 तक व्याख्याता रहे। इसके बाद पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र, भोपाल में 1963 से 1971 तक प्राचार्य के रूप में सेवाएं दीं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे विद्या भवन (एन.सी.ई.आर.टी.), उदयपुर में 1959–60 के दौरान प्रकाशन प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने दैनिक इंदौर समाचार (1972–77) में संवाददाता के रूप में कार्य किया।
संपादन के क्षेत्र में भी उनकी सशक्त उपस्थिति रही। वे सोशलिस्ट कांग्रेसमैन, दिल्ली (1961–62) के सह-संपादक रहे। इसके बाद दैनिक नव भारत, भोपाल (1962) तथा दैनिक नव प्रभात, भोपाल (1962–63) में भी संपादकीय दायित्व निभाए। श्री पंत ने मासिक ‘शिक्षा प्रदीप’ (भोपाल, 1963–64), साहित्यिक ‘जनधर्म’ (भोपाल, 1977–98), साहित्यिक ‘दुर्गामी आवाज’ (इंदौर, 2000–01) तथा त्रैमासिक पत्रिका ‘अक्षरा’ (भोपाल, 2003 से निरंतर) का सफल संपादन किया।

सम्मान और अलंकरण साहित्य भूषण सम्मान

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