ज्ञान ही सबसे बड़ा धन, जिससे छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होता है

भास्कर न्यूज | बालोद मोखाला मांझी मंदिर प्रांगण में बच्चों एवं मातृ शक्तियों ने मिलकर बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती की पूजा-अर्चना, भजन एवं संकीर्तन के साथ मनाया। इस अवसर पर कार्यक्रम में सम्मिलित मातृ शक्ति एवं अध्यापिका कादम्बिनी यादव ने बच्चों को बसंत पंचमी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसी शुभ दिन मां सरस्वती ने ब्रह्माजी की सृष्टि को वाणी, ज्ञान और चेतना प्रदान की थी। तभी से बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें सिखाता है कि ज्ञान ही सबसे बड़ा धन है, जिससे विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य बनता है। साथ ही बसंत ऋतु के आगमन पर पीले रंग के फल, फूल और वस्त्रों का विशेष महत्व होता है। बाल संस्कार केंद्र की संचालिका पूजा जैन लगातार बच्चों को सनातन हिंदू धर्म एवं संस्कृति से परिचित करा रही हैं, जिससे बच्चों में सेवा, संस्कार और नैतिक मूल्यों की भावना जागृत हो तथा एक कुशल परिवार, सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण हो सके। उन्होंने बच्चों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान सभी मातृ शक्तियों ने बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल एवं चॉकलेट का वितरण किया। मां सरस्वती की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।

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