बिलासपुर में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शत-प्रतिशत मतदान करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में निर्वाचन कार्य, स्वीप और एसआईआर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। जिला प्रशासन ने यह कार्यक्रम कोनी स्थित बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित किया था। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में संभाग आयुक्त सुनील जैन और बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग उपस्थित रहे। संभाग आयुक्त सुनील जैन ने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए सभी नागरिकों को अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मतदान लोकतंत्र का आधार है और इसकी मजबूती के लिए शत-प्रतिशत मतदान आवश्यक है। वहीं, आईजी राम गोपाल गर्ग ने युवाओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार का उपयोग करें और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। इस साल 28 हजार नए मतदाता जोड़े गए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि भारत जैसे सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में रहना गर्व की बात है, जहां सभी के मतदान का समान मूल्य है। उन्होंने नागरिकों से अपने मत का उपयोग कर लोकतंत्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव कुमार बनर्जी ने इस अवसर पर निर्वाचन गतिविधियों और स्वीप कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष 28 हजार नए मतदाता जोड़े गए हैं। नुक्कड़ नाटक और नृत्य की शानदार प्रस्तुति कार्यक्रम में एसआईआर, मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ, सुपरवाइजर, पंजीयन अधिकारियों और निर्वाचन संबंधी कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार प्रसार में भूमिका के लिए जन संपर्क विभाग को सम्मानित किया गया। महाविद्यालयीन और स्कूली छात्रों ने मतदाता जागरूकता से संबंधित गानों, नुक्कड़ नाटक और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। जिला कार्यालय में भी दिलाई गई शपथ जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। अपर कलेक्टर एस.एस.दुबे ने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम मेरा भारत, मेरा वोट रहा, जिसकी टैगलाइन ‘‘इंडियन सिटीजन एट द हार्ट ऑफ इंडियन डेमोक्रेसी थी। इस मौके पर सभी ने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा बनाए रखने, स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा और अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ ली।


