केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। जिसमें राजस्थान की तीन हस्तियों को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। इनमें प्रसिद्ध भपंग वादक गफरूद्दीन मेवाती जोगी, अलगोजा वादक तगा राम भील और सामाजिक कार्यों में समर्पित संत स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज शामिल हैं। ब्रह्मदेव महाराज श्रीगंगानगर में स्थित श्री जगदंबा अंध विद्यालय और मूक बधिर विकलांग संस्थान के संस्थापक हैं। स्वामी ब्रह्मदेव महाराज का जीवन नत्रहीनों के लिए समर्पित है। श्री जगदंबा अंधविद्यालय की स्थापना उन्होंने 13 दिसंबर 1980 को की थी। यह संस्थान नेत्रहीन (अंध) बच्चों को मुफ्त शिक्षा, छात्रावास और पूर्ण देखभाल प्रदान करता है। संस्थान में मूक-बधिर विद्यालय भी संचालित है, जहां मूक-बधिर बच्चों को विशेष शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा श्री जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की गई, जो पिछले 25 वर्षों से मुफ्त नेत्र जांच शिविर और उपचार कर रहा है। यहां मोतियाबिंद, ग्लूकोमा जैसी सर्जरियां मुफ्त होती हैं।


