डीग के प्रसिद्ध भपंग वादक गफरूद्दीन मेवाती (जोगी) को कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2026 के पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है। इस सम्मान की घोषणा के बाद मेवात क्षेत्र के लोगों में गर्व का माहौल है। गफरूद्दीन मेवाती पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘भपंग’ बजाने में माहिर हैं। उन्होंने इस लुप्त होती लोक कला को न केवल जीवित रखा है, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है। गफरूद्दीन के छोटे भाई तइयम खां ने बताया कि यह परंपरा उनकी सात पीढ़ियों से चली आ रही है, जिसकी शुरुआत उनके पूर्वज बुद्ध सिंह ने की थी। पूर्व में इन वाद्य यंत्रों से लोगों को आकर्षित करके वे अपना जीवन यापन करते थे, लेकिन वर्तमान में यह कला लुप्त होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उनके बड़े भाई गफरूद्दीन को सम्मानित किया जा रहा है, वह उनके और पूरे डीग मेवात के लिए खुशी की बात है। इस अवसर पर गफरूद्दीन के छोटे भाई ने भपंग वाद्य यंत्र बजाकर एक मेवाती लोक गीत भी सुनाया। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी ट्वीट कर भपंग वादक गफरूद्दीन मेवाती दी बधाई:-


