विदिशा जिले के त्योंदा थाना क्षेत्र के ग्राम रायखेड़ी में परिवार को बंधक बनाकर हुई भीषण लूट का खुलासा हो गया है। सागर जिले की राहतगढ़ पुलिस ने भाग रहे डकैतों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक बाल्टी जब्त की है, जिसमें 5.58 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवरात भरे हुए थे। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 55 लाख रुपए बताई गई है। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। राहतगढ़ थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस गश्त पर थी। तभी डायल-112 की टीम ने दो बाइकों पर सवार संदिग्धों को तेज रफ्तार में जाते देखा। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी और तेजी से भागने लगे। मामला संदिग्ध लगने पर अधिकारियों को सूचना दी गई और घेराबंदी की गई। इसी हड़बड़ी में भाग रहे बदमाशों की एक बाइक पर पीछे बैठा आरोपी सामान सहित नीचे गिर गया। पुलिस टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम धनसिंह उर्फ छोटू पिता दशरथ पटैल (21), निवासी सेमरा गोपालमन, थाना जैसीनगर बताया। बाल्टी में भरकर ले जा रहा था लूट का माल राहतगढ़ एसडीओपी योगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी के पास से एक प्लास्टिक की बोरी मिली, जिसके अंदर एक बाल्टी रखी थी। बाल्टी की तलाशी लेने पर उसमें से नकद 5.58 लाख रुपए और सोने-चांदी के भारी मात्रा में जेवरात बरामद हुए। आरोपी ने कबूला कि उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर विदिशा के रायखेड़ी में हथियारों के बल पर वारदात को अंजाम दिया था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना विदिशा पुलिस को दे दी गई है। तलवार अड़ाकर परिवार को रस्सियों से बांधा था फरियादी बृजबिहारी कुर्मी निवासी रायखेड़ी ने त्योंदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 जनवरी की रात 11.30 से 1 बजे के बीच चार बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे थे। उनके पास धारदार हथियार और लोहे की टामी थी। बदमाशों ने फरियादी, उसकी पत्नी और बेटे के साथ मारपीट की और रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद तलवार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और घर से करीब 77 लाख रुपए का मशरूका (जेवर और नकदी) लूटकर ले गए थे। ये रहे कार्रवाई में शामिल आरोपी को पकड़ने वाली टीम में थाना प्रभारी राहतगढ़ मुकेश सिंह ठाकुर, सउनि हरिनारायण दुबे, रामसिंह, प्र.आर. मणिशंकर मिश्रा, रंजीत सिंह, राजा दांगी, रमेश कुमार, आरक्षक देवेश सिकरवार, वैभव शुक्ला, केशलाल मार्को, अभिषेक रघुवंशी, अजय कंसाना और मुनेन्द्र तोमर शामिल थे।


