कांकेर जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ स्थानीय युवाओं ने शनिवार को प्रदर्शन किया। शाम 7 बजे से लेकर रात 2 बजे तक नेशनल हाईवे-30 पर युवाओं ने रेत से भरे डंपरों को रोककर विरोध जताया। इस दौरान युवाओं ने जिला कलेक्टर और चारामा SDM से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी, पक्ष-विपक्ष के नेता और जनप्रतिनिधि इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं। सड़क हादसे का खतरा बढ़ा रेत से लदे वाहनों से उड़ने वाली धूल से आम नागरिकों को होने वाली परेशानी और हादसों के खतरे को देखते हुए युवाओं ने यह कदम उठाया। स्थिति यह है कि वाहनों के पीछे उड़ने वाली धूल के कारण सामने चल रहे वाहन भी दिखाई नहीं देते। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वार्ड क्रमांक 13 के पास खेतों में अस्थाई सड़क बनाकर अवैध रेत परिवहन किया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर धूल का गंभीर जमाव हो गया है। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद प्रशासन मामूली कार्रवाई कर खानापूर्ति कर देता है और अगले ही दिन अवैध खनन फिर शुरू हो जाता है। युवाओं ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर अवैध रेत उत्खनन को रोकने की मांग की है।


