अमनदीप सिंह पश्चिम हलके के अंतर्गत आने वाले वार्ड 74 के इलाके कोट खालसा में लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं। कोट खालसा चौक बोहड़ के पास कूड़े का बड़ा ढेर लगा हुआ है, जिससे बदबू और गंदगी फैल रही है। यही हाल पुलिस स्टेशन वाली गली के बाहर भी देखने को मिल रहा है, जहां साफ-सफाई के नाम पर कुछ नहीं किया गया। कोट खालसा की लंबी गली के बाहर एक बड़ा गड्ढा लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। आए दिन लोग इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद इसे भरने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कोट खालसा चौक के पास गुरुद्वारा वाली गली में बिजली की तारें लटक रही हैं। बारिश और तेज आंधी के समय इन तारों से चिंगारियां निकलती रहती है। लोगों ने बताया कि नीचे कपड़ों की दुकानें हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का डर हर वक्त बना रहता है। इतना ही नहीं, कोट खालसा के दूसरे मोड़ पर, जहां से दूसरी वार्ड शुरू होती है, उस चौक में भी सड़क टूटी हुई है। लोगों के अनुसार यह चौक लंबे समय से मरम्मत की राह देख रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
पार्षद परमजीत कौर ढिल्लों ने कहा कि वार्ड में नई लाइटें लगवाई गई। मेन सीवरेज साफ करवाया गया। नई वाटर सप्लाई लाइन डलवाई गई। कुछ गलियों के पैच वर्क रहता है, उसे जल्द किया जाएगा। मेयर से कूड़ा उठाने के लिए नई गाड़ियों की मांग की गई है। बिजली की तारें ठीक कराई जा रही है। वार्ड से आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ी व पूर्व पार्षद कंचन गुलाटी ने कहा कि वार्ड में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे है। लोग उन्हें आकर बताते है कि पार्षद उनकी समस्याओं का हल नहीं करवा रहे। जबकि इलाकों में गंदे पानी की समस्या के साथ-साथ सड़कों पर पैच वर्क का काम भी नहीं करवाया जा रहा। मंगल सिंह निवासी कोट खालसा लंबी गली ने बताया कि गली के बाहर बना गड्ढा कई लोगों को चोटिल कर चुका है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। रात के समय यह दिखाई भी नहीं देता, जिससे गिरने का खतरा बढ़ जाता है। बताने के बावजूद अब तक कोई हल नहीं निकला। अंशदीप सिंह, निवासी कोट खालसा बोहड़ वाला चौक ने बताया कि चौक के पास कूड़े का ढेर लगा रहता है। बदबू से जीना मुश्किल हो गया है। गंदगी से बीमारियां लगने का डर है। रोजाना कूड़े की लिफ्टिंग नहीं हो रही। चु नाव के समय सब बड़े-बड़े वादे होते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं। पियूष निवासी कोट खालसा गुरुद्वारे वाली गली ने बताया कि गली में बिजली की तारें लटक रही हैं। तारों के जाल से लोग परेशान है। बरसात या तेज हवा चलने पर उनमें से चिंगारियां निकलती हैं, जिसे देखकर डर लगता है। नीचे कपड़ों की दुकानें हैं, अगर आग लग गई तो भारी नुकसान हो सकता है। लटकती बिजली की तारें। कोट खालसा के मोड़ पर टूटी रोड। सड़क पर पड़ा गड्ढा। सड़क पर कूड़े का ढेर।


