हल्दी-कुमकुम केवल रस्म नहीं, महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का प्रतीक है: वंदना

भास्कर न्यूज| महासमुंद जिला महिला मराठा समाज महासमुंद द्वारा मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पारंपरिक हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। स्थानीय काव्यांश भवन में आयोजित इस उत्सव में समाज की महिलाओं ने अपनी गौरवशाली परंपराओं का निर्वहन करते हुए एकता और सौहार्द का परिचय दिया। दोपहर 2:30 बजे भारत माता, राष्ट्रमाता जीजामाता और छत्रपति शिवाजी महाराज के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज की संरक्षिका वंदना थिटे रहीं, जबकि अध्यक्षता महिला समाज की अध्यक्ष अनीता पवार ने की। मुख्य अतिथि वंदना थिटे ने अपने उद्बोधन में मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा मराठा समाज में यह उत्सव 14 जनवरी से पूरे एक माह तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हल्दी-कुमकुम केवल एक रस्म नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। एक-दूसरे को आमंत्रित कर भेंट देना और एक मंच पर एकत्रित होना समाज की एकता को मजबूती प्रदान करता है। संचालन जिला महिला मराठा मंडल की सचिव रामेश्वरी घाड़गे ने किया, जिन्होंने समाज की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस मौके पर यनिता घाडगे, पुनम पवार, संध्या सेल्के, त्रिवेणी गायकवाड, वर्षा भोंसले और निशा खड़तकर रामेश्वरी घाड़गे, काजल महाडिक, ममता घाड़गे, मेघा महाडिक, मीरा पवार, पारुल पवार, भारती गायकवाड, गीता भोयर, चंद्रप्रभा भोयर, माधुरी पवार, ललिता पवार मौजूद थी। परंपरागत उपहार वितरण रहा आकर्षण का केंद्र मराठा परंपरा के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के लिए लूट (परंपरागत उपहार वितरण) का आयोजन किया गया, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की और उपहारों का आदान-प्रदान किया।

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