जयपुर सहित पूरे प्रदेश में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले साल जयपुर से 4.25 लाख लोगों ने पासपोर्ट बनवाया। इनमें से बड़ी संख्या ई-पासपोर्ट की रही। पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर रोज हजारों आवेदन आ रहे हैं, जिससे सिस्टम पर लगातार दबाव बना हुआ है। पिछले साल जयपुर से 4.25 लाख पासपोर्ट जारी किए गए। इनमें से 3.21 लाख ई-पासपोर्ट हैं, जो कुल पासपोर्ट का करीब 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है। इसके अलावा 37 हजार पासपोर्ट तत्काल श्रेणी में बनाए गए, जिससे साफ है कि लोगों को पासपोर्ट की तत्काल जरूरत बढ़ी है। राजस्थान में पासपोर्ट सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जयपुर सहित 19 जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर रोजाना ढाई हजार से अधिक आवेदन आ रहे हैं। इनमें से सिर्फ जयपुर में ही औसतन 950 आवेदन रोज दर्ज किए जा रहे हैं। रीजनल पासपोर्ट अधिकारी आईएफएस विपुल देव के अनुसार ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए पासपोर्ट विभाग की ओर से मोबाइल पासपोर्ट वैन भी चलाई जा रही है। जयपुर सहित 4 जगह पर पासपोर्ट वैन के जरिए 733 पासपोर्ट बनाए गए, जिससे लोगों को शहर आने की परेशानी से राहत मिली है। देव ने बताया कि विदेश यात्रा, पढ़ाई, रोजगार और पर्यटन के बढ़ते रुझान के चलते जयपुर में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या हर साल नया रिकॉर्ड बना रही है। 3.21 लाख ई-पासपोर्ट और 37 हजार तत्काल श्रेणी में बने आरपीओ जयपुर का क्षेत्रधिकार: जयपुर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) राजस्थान 28 जिलों के लिए पासपोर्ट संबंधी सेवाओं का प्रभारी है। इसमें नए और रिन्यूअल पासपोर्ट जारी करना, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) और पता/नाम परिवर्तन जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह सभी पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओएसके) की निगरानी भी करता है। जयपुर आरपीओ के क्षेत्राधिकार में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, चूरू, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, नागौर, पाली, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, टॉक, और नए बने जिले जैसे बालोतरा, व्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, फलोदी आते हैं। ई-पासपोर्ट क्या है देव ने बताया कि ई-पासपोर्ट एक आधुनिक और सुरक्षित पासपोर्ट है। इसमें एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है, जिसमें आवेदक का नाम, जन्मतिथि, फोटो और फिंगरप्रिंट जैसे बायोमेट्रिक डेटा डिजिटल रूप में स्टोर होता है। इससे इमिग्रेशन प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होती है और धोखाधड़ी रुकती है। यह सामान्य पासपोर्ट जैसा ही दिखता है, लेकिन कवर के नीचे एक छोटी गोल्डन चिप होती है, जो इसकी पहचान बताती है। ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन की प्रक्रिया यथावत ही है। आवेदक पासपोर्ट सेवा वेबसाइट www.passportindia.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अपॉइंटमेंट के दिन बायोमेट्रिक डेटा लिया जाता है और निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर ई-पासपोर्ट के लिए जाती है। “पासपोर्ट कार्यालय जयपुर में कोई भी भारतीय नागरिक पासपोर्ट और संबंधित सेवाओं के लिए आवेदन कर सकता है। ई-पासपोर्ट की शुरुआत होने के बाद लगभग 3.21 लाख ई-पासपोर्ट जारी किए गए। रोजाना आवेदन की संख्या भी बढ़ी है।”
-विपुल देव, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, जयपुर


