भारतीय एयरलाइंस कंपनियों के पास खुद के विमानों की कमी साफ नजर आने लगी है। इसी कारण एयरलाइंस विदेशी कंपनियों से लीज पर लिए गए विमानों के जरिए फ्लाइट संचालन कर रही हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर बीते कुछ समय में ऐसे विदेशी विमानों की संख्या लगातार बढ़ी है। हालात ऐसे हैं कि यात्री जब विमान देखते हैं तो उसके डिजाइन और रंग-रोगन से चौंक जाते हैं। यात्रियों ने टिकट भारतीय एयरलाइंस की वेबसाइट से बुक की होती है, लेकिन विमान विदेशी कंपनियों के लोगो वाले होते हैं। हालांकि इससे यात्रियों की यात्रा पर सीधा असर नहीं पड़ रहा, लेकिन विमानों की कमी का असर फ्लाइट्स की नियमितता पर जरूर दिख रहा है। स्पाइसजेट की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित
स्पाइसजेट की जयपुर से संचालित फ्लाइट्स आए दिन घंटों लेट या फिर ऐनवक्त पर रद्द कर दी जाती हैं। शुक्रवार को स्पाइसजेट की दुबई फ्लाइट एसजी-57 13 घंटे से ज्यादा लेट रही। यह 15 दिनों में 5 बार फ्लाइट रद्द की जा चुकी है। अन्य दिनों में 3 से 22 घंटे तक लेट रही। जयपुर से रोज 4 से 5 फ्लाइट्स विदेशी एयरलाइंस से लीज पर लिए गए विमानों के जरिए संचालित हो रही हैं। इंडिगो और स्पाइसजेट विदेशी कंपनियों से ले रहे विमान इंडिगो एयरलाइन तुर्किए की फ्री बर्ड एयरलाइन से और स्पाइसजेट ब्रिटेन की एसेंड एयरवेज से लीज पर विमान लेकर संचालन कर रही है। जयपुर से स्पाइसजेट की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय 3 फ्लाइट्स संचालित होती हैं, जिनमें से 2 फ्लाइट्स विदेशी कंपनियों के लीज्ड एयरक्राफ्ट से उड़ान भर रही हैं। जम्बोजेट विमानों का संचालन लगभग बंद
जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब यहां से जम्बोजेट विमानों का संचालन लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। पहले कुआलालंपुर के लिए फ्लाइट एयरबस A-330 से संचालित होती थी। इससे पहले सिंगापुर के लिए स्कूट एयरलाइंस की फ्लाइट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर से उड़ान भरती थी। वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट से केवल छोटे और मध्यम श्रेणी के एयरक्राफ्ट ही संचालित किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, जयपुर से कुल्लू के लिए अलायंस एयर की फ्लाइट सबसे छोटे विमान से संचालित हो रही है। यह फ्लाइट वीटी-यूडीबी विमान से उड़ान भरती है, जो 48 सीटर है और जयपुर से चलने वाली शेड्यूल्ड फ्लाइट्स में सबसे छोटा विमान है। अब जयपुर से कुआलालंपुर की फ्लाइट भी एयरबस A-330 की बजाय एयरबस A-320 विमान से संचालित हो रही है।


